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कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी कानून पर सियासत
– फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
कर्नाटक में सरकार बदलने के साथ ही पिछली भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों को पलटने की कवायद शुरू हो गई है। महीना बीतते ही कांग्रेस सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने की न सिर्फ पूरी योजना बना ली है बल्कि कर्नाटक कैबिनेट ने इस पर मुहर भी लगा दी है। जल्दी ही इस प्रस्ताव को विधानसभा में लाया जाएगा। हालांकि, इस पर अब राजनीति भी शुरू हो गई है।
कर्नाटक में धर्मांतरण विरोधी कानून को लकर अभी क्या हुआ है? इसके क्या प्रावधान क्या हैं? सरकार इसे क्यों खत्म कर रही है? क्या है ये कानून? विपक्षी भाजपा इस पर क्या कह रही है? आइए जानते हैं…
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