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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान।
– फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के कई अन्य नेताओं के सोशल मीडिया प्रोफाइल को संघीय जांच एजेंसी (FIA) के साथ साझा किया है ताकि 8 मार्च से 9 मई के बीच विवादास्पद देश विरोधी सामग्री साझा करने के लिए फॉरेंसिक जांच किया जा सके। यह जानकारी गुरुवार को मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।
पाक मीडिया ने पुलिस के विवरण का हवाला देते हुए बताया कि खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेताओं के इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर से कुल 23 लिंक एफआईए को भेजे गए हैं। एफआईए संघीय अपराधों की जांच करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की प्रमुख एजेंसी है।
मीडिया रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि साझा किए गए लिंक पीटीआई नेताओं शाह महमूद कुरैशी, मुराद सईद और हम्माद अजहर के वीडियो और पोस्ट पर आधारित हैं और राजनीतिक नेताओं के बयान भी नौ मई की हिंसा के मामलों पर संयुक्त जांच दल की अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा होंगे। साझा किए गए लिंक में सम्मिलित कथित रूप से देश विरोधी बयानों को लेकर बनाए गए वीडियो और पोस्ट को लेकर फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है, लिंक की फॉरेंसिक रिपोर्ट को जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के जरिए युवाओं को देश के खिलाफ भड़काया गया। बता दें कि नौ मई को इस्लामाबाद में अर्धसैनिक रेंजरों द्वारा भ्रष्टाचार के एक मामले में 70 वर्षीय खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। हालांकि, खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था। उनकी पार्टी पीटीआई के कार्यकर्ताओं ने लाहौर कॉर्प्स कमांडर हाउस, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों में तोड़फोड़ की थी। साथ ही रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर भी पहली बार भीड़ ने हमला किया था।
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