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इस बीच लंग्स कैंसर और इसके कारण होने वाली मौतों की रोकथाम को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की टीम को बड़ी सफलता मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने एक ऐसी दवा खोज ली है जो फेफड़ों के कैंसर के खतरे को काफी कम कर सकती है।
दवा निर्माता कंपनी एस्ट्राजेनेका ने एक ऐसी पिल के नैदानिक परीक्षण में सफलता का दावा किया है जो लंग्स कैंसर के कारण होने वाली मौत के मामलों को 50 फीसदी तक कम कर सकती है। शिकागो में अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की वार्षिक बैठक में परीक्षण के परिणाम प्रस्तुत किए गए हैं।
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती चरण के रोगियों की सर्जरी के बाद, दैनिक रूप से इस दवा के सेवन ने मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया है।
फेफड़ों के कैंसर वाले 682 रोगियों पर इस दवा का अध्ययन किया गया। लगभग आधे प्रतिभागियों को तीन साल तक दैनिक रूप से यह गोली दी गई, जबकि अन्य आधे को प्लेसबो दिया गया। कैंसर के निदान के पांच साल बाद, प्लेसीबो लेने वाले समूह के 78% की तुलना में इस दवा को लेने वाले 88% रोगी अभी भी जीवित थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि यह दवा फेफड़ों के कैंसर से मृत्यु के समग्र जोखिम को 51% तक कम कर सकती है।
येल कैंसर सेंटर में अध्ययन मुख्य अन्वेषक डॉ. रॉय हर्बस्ट कहते हैं, मुझे लगता है कि कैंसर रोगियों के इलाज में यह दवा काफी कारगर हो सकती है। हम वास्तव में फेफड़ों के कैंसर के उपचार में प्रगति देख रहे हैं, जैसे पहले कभी नहीं देखा गया था। इस दवा के परीक्षण के परिणाम हमारी अपेक्षा से लगभग दोगुने अच्छे हैं।
हमें उम्मीद है कि आगामी परीक्षणों के आधार पर इस दवा को वैश्विक स्वीकृति मिलेगी और हम दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे फेफड़ों के कैंसर को रोकथाम में विशेष सफलता पा सकेंगे।
हर्बस्ट की शोध टीम ने तीन साल पहले भी इस दवा को लेकर किए अध्ययन में बताया था कि यह ट्यूमर को वापस आने से रोकने और कैंसर को मस्तिष्क, यकृत और हड्डी में फैलने से रोकने में कारगर हो सकती है। डॉ. रॉय हर्बस्ट कहते हैं हम पहले से ही जानते थे कि यह दवा प्रभावी थी। हालांकि, अब हम जो देख रहे हैं वह यह है कि इससे रोगी लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं।
रोगियों के सर्वाइवल को लेकर जारी नया डेटा डॉक्टरों को इस दवा को लिखने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। चूंकि कैंसर का उपचार महंगा है इसलिए हमारी कोशिश है कि एक दवा के माध्यम से ही लंग्स कैंसर से मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सके।
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स्रोत और संदर्भ
Overall Survival with Osimertinib in Resected EGFR-Mutated NSCLC
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