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पर्यावरण के प्रति चीन का प्रयास

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पर्यावरण के प्रति चीन का प्रयास

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डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और तीसरा सबसे बड़ा देश है। इसकी अर्थव्यवस्था, जो पहले से ही विशाल है, किसी भी बड़े राष्ट्र की तुलना में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। जाहिर है इसकी पर्यावरण संबंधी खतरों से किसी भी बड़े देश की तुलना में सबसे अधिक नौकरियां होंगी।

चीनी लोग, जिनमें से नेता भी शामिल हैं, इनसे परिचित हैं और उनसे आरोपों की कोशिश की जा रही है। पिछले कई वर्षों में बड़े स्तर पर चीजों में सुधार हुआ है, जैसे कि बीजिंग और कुछ अन्य बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता इसका सफल उदाहरण है। चीन में कई समान रूप से बढ़ाने वाला एक कारक है कि, एक वैश्विक कारखाने के रूप में, चीन उत्पाद अपना दावा करता है, लेकिन उसके लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग भी करता है जिसके कारण संचय भी लाभ होता है। हालांकि, चीन का प्रति व्यक्ति प्रभाव अभी भी विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है। इसके कारण यहां की जनता और सरकार द्वारा उठाए गए बेहद महत्वपूर्ण कदम हैं।

जैसे कि जैव विविधता उनके प्राकृतिक वातावरण में सजीव प्रजातियां (पौधों, पशु और सूक्ष्म प्रजातियों) की विविधता और संबंधित गतिविधियों के समुच्चय को निर्देशित करती है। इसके तीन स्तर हैं: जीन, प्रजाति और पारिस्थितिक तंत्र। चीन ने अपना बायो डिटेक्शन को संजो कर रखा है और इसमें कोई इंसान दखल ना हो इसके लिए पर्याप्त अख्तियार किए हैं।

चीन ने पिछले कुछ सालों में अपनी नादियो को मजबूत करने की बेहतरीन कोशिश की है जिसका नतीजा आज साफ देखने को मिलता है। नदियों का स्वस्थ होना एक सभ्यता का स्वस्थ होना बताया जाता है जिसका जीता-जागता उदाहरण है जियाओलिंग नदी का पुनर्जन्म। लगभग 20-30 साल पहले नदी में जियाओलिंग से बदबू आती थी, इसमें रहने वाले मछलियों पर इसका बुरा असर पड़ता था। यहां के स्थानीय निवासी भी इस नदी में से पकड़ी गई मछलियों को खाना पसंद नहीं करते थे। मगर, जब सन 2014 में नदी को पुनर्जीवित करने और सुरक्षित करने का काम शुरू किया गया तब इस शहर ने अपनी नदियों के साथ पर्यावरण में सुधार के लिए व्यापक उपाय किए और इसे नदी के किनारे 10 किलोमीटर से अधिक की

एक हरा बेल्ट भी बनाया जाता है, जिससे एक रिबन के आकार का एक रिवरसाइड फिटनेस और रिक्रिएशन पार्क बनाया जाता है। इस तरह के कई अनगिनत सख़्त, व्यापक और निर्दिष्ट कदम उठाने के बाद और पर्यावरण के प्रति प्रेम की भावना को देखने के बाद आज चीन का पर्यावरण किसी भी पश्चिमी देश से कई मायनों को बेहतर बनाता है। आप चाहे यहां के अंधेरे की बात कर लें, नदियों की बात करें या वायु की गुणवत्ता की और ध्यान आपको हर तरफ दिखाई देगा कि चीन और यहां के लोग पर्यावरण के प्रति कितने संवेदनशील हैं, सरकार का पर्यावरण के प्रति कितना ध्यान है।

किसी भी योजना चाहे वो बड़ी हो या छोटी हो, लागू करने से पहले हर पहलू से पर्यावरण को ध्यान में रखा जाता है। चीन द्वारा पर्यावरण के प्रति प्रेम के प्रावधान हैं कि हम अपने पर्यावरण के प्रति हमेशा सतर्कता और संवेदनशीलता से आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर, स्वस्थ और खुशनुमा दुनिया छोड़ दें।

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