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बबीता रावत
– फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अगस्तयमुनि के गांव उमरौला सौड़ निवासी बबीता रावत ने गांव में रहकर कामयाबी की नई इबारत लिखी है। आर्थिक तंगी के बावजूद बबीता रावत ने हार नहीं मानी और संघर्षों के बूते मुकाम हासिल कर पहाड़ की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गईं।
परिवार को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए उन्होंने अपनी खाली पड़ी 17 नाली यानी करीब 37 हजार वर्ग फीट भूमि पर खुद हल चलाकर उसे उपजाऊ बनाया। साथ ही सब्जी उत्पादन, पशुपालन व मशरूम उत्पादन के जरिये सफलता की नई दास्तान लिख डाली।
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उनके इसी प्रेरणादायी संघर्ष के लिए प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजा गया। ऐसी कर्मठ बबिता को अमर उजाला सम्मानित कर गौरव की अनुभूति कर रहा है।
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