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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह (फाइल फोटो)।
– फोटो : सोशल मीडिया
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गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गीता प्रेस को साल 2021 का गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने के एलान के साथ ही अब इस पर सियासत शुरू हो गई है। एक ओर, कांग्रेस पार्टी ने गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार दिए जाने के आदेश के बाद सवाल उठाया तो भाजपा ने भी तुरंत पलटवार किया। भाजपा ने आलोचना करने को लेकर सोमवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी गीता प्रेस से इसलिए नफरत करती है, क्योंकि वह सनातन धर्म का संदेश फैला रहा है। गीता प्रेस को यह पुरस्कार अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा।
मुस्लिम लीग को सेक्युलर मानने वाले गीता प्रेस को पुरस्कार देने की आलोचना कर रहे: जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देने पर कांग्रेस की आलोचना पर निशाना साधते हुए कहा कि मुस्लिम लीग को एक धर्मनिरपेक्ष संगठन मानने वालों को छोड़कर किसी को भी इससे कोई आपत्ति नहीं है। सिंह ने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा, गीता प्रेस भारत की संस्कृति, हमारे लोकाचार और हिंदू विश्वास से जुड़ा हुआ है और यह किफायती साहित्य का निर्माण करती है। जो हर घर तक पहुंचता है। जयराम रमेश की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, और, आरोप लगाने वाले कौन हैं? वे हैं जो कहते हैं कि मुस्लिम लीग धर्मनिरपेक्ष थी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस भूल गई है कि वह मुस्लिम लीग थी, जिसने दो राष्ट्र का सिद्धांत दिया, भारत का विभाजन करवाया और पाकिस्तान के निर्माण का श्रेय लिया। मुझे लगता है कि इस तरह की बहस में पड़ना ऊर्जा की बर्बादी है।
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