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अमरनाथ यात्रा।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कश्मीर में जुलाई से शुरू होने वाले अमरनाथ यात्रा में पाकिस्तान ने इस बार ऐसी खतरनाक साजिश रची है जिसमें न सिर्फ दर्शन करने वाले यात्री बल्कि सुरक्षा कर्मियों को भी निशाने पर लेने की योजना बनाई है। हैरानी की बात यह है कि इस साजिश में घाटी के रहने वाले उन नेताओं ने भी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और आईएसआई का साथ दिया है जो एक जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा में खतरनाक खेल खेलने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और इंटेलिजेंस के अधिकारियों को पाकिस्तान की ओर से चली जाने वाली इस खतरनाक साजिश का न सिर्फ पता चला है बल्कि उन सभी हैंडलर्स को भी सुरक्षा एजेंसियों ने निशाने पर ले लिया है जो इस घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इस पूरे मामले में खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट गृह मंत्रालय से साझा की गई है। ताकि आने वाले दिनों में शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा के और पुख्ता बंदोबस्त हो सके।
दो तरह से माहौल खराब करने की पाकिस्तान बना रहा योजना…
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने एक जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर इस्लामाबाद से निर्देश जारी कर घाटी में अपने स्लीपर सेल्स को एक्टिव कर दिया। इस दौरान पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों और आईएसआई ने दो तरह से हमला करने की योजना बनाई। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट और उसके आधार पर की गई कार्रवाई के मुताबिक पाकिस्तान ने एक तो इंटरनेट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा की वजह से आने वाले दर्शनार्थियों और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को लेकर हैशटैग अभियान शुरू किया। इसके लिए बाकायदा पाकिस्तान और घाटी के टि्वटर हैंडल से लगातार अभियान चलाया जा रहा था।
आतंकी हमले से माहौल खराब करने की कोशिश..
खुफिया जानकारी के मुताबिक दूसरी ओर खतरनाक मंसूबों के साथ अमरनाथ यात्रा में शामिल यात्रियों, सुरक्षाकर्मियों और यात्रियों के ठहरने से लेकर आने जाने वाले रास्ते तक पर जानलेवा हमला कर खून खराबा करने की पूरी तैयारी की थी। आतंकियों के खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए घाटी के कई स्थानीय नेताओं और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं ने समर्थन देना शुरू कर दिया। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनके पास घाटी के उन सभी नेताओं के नाम और उनकी ओर से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को आगे बढ़ाने की साजिश के पुख्ता सबूत भी हैं। इसी आधार पर कुछ बड़ी गुप्त कार्रवाईया भी की गई हैं।
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