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कांग्रेस की बैठक।
– फोटो : अमर उजाला (फाइल)
विस्तार
हरियाणा में 2024 के चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस आलाकामन ने अभी से फूंक फूंक कर कदम रखने शुरू कर दिए हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हरियाणा में किसी भी सूरत में गुटबाजी को हवा नहीं देना चाहता। यही कारण है कि नए प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने अपने पहले दौरे के दौरान धड़े बंदी को लेकर सख्त रुख दिखाया है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस का सीएम चेहरा नहीं कह कर साफ कर दिया है कि पार्टी हिमाचल और कर्नाटक की तर्ज पर बिना किसी नेता को सीएम का चेहरा घोषित किए ही चुनावी मैदान में उतरेगी।
कांग्रेस हरियाणा में 2014 के बाद से सत्ता से बाहर है और 2024 में भी जीत हासिल करना बड़ी चुनौती से कम नहीं है। हरियाणा के राजनीतिक हालातों को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान प्रदेश के किसी भी एक बड़े नेता तो फ्री हैंड देने के मूड में नहीं दिख रहा।
हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक इसके बड़े उदाहरण भी हैं। दोनों ही राज्यों में कांग्रेस ने बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। किसी एक नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने से अन्य नेता भीतरघात कर पार्टी को नुकसान और क्षेत्रवाद व जातिवाद का हवाला देकर सत्ताधारी दल मुद्दा बना सकता है।
कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के तेवरों को देखें तो पार्टी हाईकमान हरियाणा में गुटबाजी को हावी नहीं होने देना चाहता। प्रभारी ने सीएम चेहरे को लेकर नारेबाजी और गुटबाजी को लेकर की जा रही बयानबाजी पर भी सख्त रुख अपनाया और कहा कि कोई ऐसा करेगा तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
टिकट आवंटन और घोषणा पत्र हाईकमान तय करेगा
बाबरिया ने टिकट आवंटन और आए दिन हो रही घोषणाओं को लेकर स्पष्ट कह दिया है कि टिकट आवंटन दिल्ली से होगा और कांग्रेस का घोषणा पत्र वही अंतिम होगा जिसे हाईकमान से स्वीकृति होगी। कांग्रेस के एक धड़े की ओर से हलकों में रैलियां करके भावी उम्मीदवारों के लिए अभी से टिकट का उम्मीदवार घोषित किया जाता रहा है। इस पर भी प्रदेश प्रभारी ने सख्ती दिखाई है।
दूसरे दिन नेताओं और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने दूसरे दिन भी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। कांग्रेस मुख्यालय में बाबरिया ने विधायकों, पूर्व विधायकों व जिलास्तर के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक की। सभी से संबंधित जिलों और प्रदेश के राजनीतिक हालातों को लेकर चर्चा की गई। साथ ही संगठन की सूची को लेकर नेताओं की नब्ज भी टटोली। शाम 5 बजे के बाद बाबरिया दिल्ली रवाना हो गए। अब वह अपनी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे। इसके बाद संगठन की सूची जारी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार दीपक बाबरिया कुछ समय बाद प्रदेश के जिलों में संपर्क अभियान चलाएंगे। इसको लेकर रोडमैप तैयार किया जा रहा है। बाबरिया खुद जिला और ब्लाक स्तर पर जाकर नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
भेड़ बकरी नहीं हैं विधायक, मान सम्मान जरूरी : किरण चौधरी
कांग्रेस नेता किरण चौधरी ने एक बार फिर विधायकों को मान-सम्मान नहीं मिलने को लेकर निशाना साधा है। किरण चौधरी ने कहा कि विधायक भेड़-बकरी नहीं हैं। जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह भी विधायक दल की नेता रही हैं और विधायकों को फोन करके बैठक के लिए बुलाया जाता था। अगर किसी को मान-सम्मान के साथ नहीं बुलाया जाएगा तो कोई विधायक बैठक में क्यों जाएगा। उन्होंने कहा कि वह नए प्रभारी दीपक बाबरिया का स्वागत करने के लिए आई हैं।
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