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Delhi Cabinet reshuffle: आतिशी क्यों बनीं केजरीवाल की नंबर वन भरोसेमंद! इन वजहों से चूके वरिष्ठ मंत्री

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Delhi Cabinet reshuffle: आतिशी क्यों बनीं केजरीवाल की नंबर वन भरोसेमंद! इन वजहों से चूके वरिष्ठ मंत्री

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Delhi Cabinet reshuffle: Why Atishi marlena became favourite of arvind Kejriwal

Delhi Cabinet reshuffle
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार


आतिशी मार्लेना को दिल्ली सरकार में वित्त एवं राजस्व मंत्री नियुक्त कर दिया गया है। उपराज्यपाल से अनुमति मिल जाने के बाद अब वे दिल्ली सरकार में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बाद दूसरी सबसे पावरफुल मंत्री बन गई हैं। उनके पास वित्त मंत्रालय के अलावा ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और पर्यटन जैसे महत्त्वपूर्ण विभाग हैं। पहले यह भूमिका मनीष सिसोदिया की थी, जो अरविंद केजरीवाल के बाद पार्टी में नंबर दो की तरह से देखे जाते थे। अहम प्रश्न है कि अरविंद केजरीवाल ने कैलाश गहलोत के स्थान पर आतिशी पर इतना भरोसा क्यों जताया?

आम आदमी पार्टी सूत्रों के अनुसार, आतिशी मार्लेना दिल्ली सरकार की प्रमुख योजनाओं की डिजाइन बनाने और उन्हें जमीन पर उतारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं। अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक यात्रा में उनका दिल्ली का शिक्षा मॉडल सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी अपने खास सहयोगी मनीष सिसोदिया को अवश्य दी थी, लेकिन इस योजना की पूरी प्लानिंग आतिशी मार्लेना की ही मानी जाती है। किस कैटेगरी में बच्चों का विकास कैसे करना है, शिक्षकों को कैसे विदेश भेजकर उनकी योग्यता में विस्तार करना है, सारी योजना विदेश में उच्च शिक्षित आतिशी मार्लेना की ही मानी जाती है।  

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मनीष सिसोदिया के जेल जाने के बाद आतिशी मार्लेना ने सरकार की ओर से भाजपा पर हमला करने का सबसे अहम जिम्मा उठा रखा है। वे आए दिन प्रेस कांफ्रेंस कर विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरती हैं। हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली नगर निगम के चुनाव और बाद में मेयर के चुनाव के दौरान भी आतिशी मार्लेना की भूमिका बेहद खास रही है। माना जा रहा है कि उनकी इन्हीं भूमिकाओं के कारण आम आदमी पार्टी ने उन पर इतना भरोसा जताया है।  

गोपाल राय या कैलाश गहलोत क्यों नहीं

दरअसल, अभी से यह आशंका जताई जाने लगी है कि सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया के बाद कैलाश गहलोत जांच एजेंसियों के अगले शिकार हो सकते हैं। इसका बड़ा कारण है कि डीटीसी बसों की खरीद में कुछ अनियमितताएं पाई गई हैं और भाजपा ने इन मामलों की जांच की मांग की है। कैलाश गहलोत पर इनकम टैक्स छिपाने का भी आरोप लगा था। आम आदमी पार्टी के अंदर इस बात की चर्चा है कि कैलाश गहलोत के ऊपर भी देर-सबेर कार्रवाई हो सकती है।

वहीं, गोपाल राय के ऊपर प्रदेश में पार्टी की अहम जिम्मेदारी है। इसके पहले जब वे परिवहन मंत्रालय संभाल रहे थे, तब उन पर कुछ आरोप लगे थे। कहा जाता है कि उन आरोपों के बाद ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की उनसे बहुत ज्यादा पट नहीं रही है।

यही कारण है कि केजरीवाल ने यह अहम जिम्मेदारी देने के लिए ऐसे व्यक्ति को चुना, जो लंबे समय तक इन प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी संभाल सके और दिल्ली सरकार की योजनाओं को प्रभावित न होने दे। इस कड़ी में आतिशी मार्लेना उनकी सबसे भरोसेमंद साथी बनकर उभरीं और केजरीवाल ने उन्हें इन महत्त्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी दे दी। आम आदमी पार्टी का मानना है कि आतिशी पर निशाना साधना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।   

भाजपा ने किया हमला

आतिशी को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के दौरान ही भाजपा ने उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया था। पार्टी ने उनके पुराने मामले को उछालते हुए कहा था कि वे लोकसभा चुनाव के दौरान अपना नाम बदलकर (आप नेता ने चुनाव में अपना नाम आतिशी सिंह कर दिया था।) मतदाताओं को धोखा दे रही थीं। आज जब आतिशी मार्लेना को वित्त एवं राजस्व मंत्री बनाए जाने का समाचार आया, भाजपा ने यह कहते हुए हमला किया कि उनकी नियुक्ति तिहाड़ जेल में बंद मनीष सिसोदिया के दबाव में किया गया है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि आतिशी मार्लेना की वित्त मंत्री के रूप में नियुक्ति राजनीतिक ब्लैकमेलिंग का मामला है। उन्होंने कहा कि सिसोदिया ने केजरीवाल को आतिशी को वित्त मंत्री बनाने के लिए मजबूर किया है। मंत्रालय में गोपाल राय, कैलाश गहलोत और इमरान हुसैन जैसे वरिष्ठ मंत्रियों के बावजूद सीएम को सबसे कनिष्ठ मंत्री को प्रमुख विभाग सौंपना किसी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।

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