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कोरिया सीमा पर तनाव: उत्तर कोरिया (उत्तर कोरिया) और दक्षिण कोरिया (दक्षिण कोरिया) की सीमा पर जहां एक तरफ उत्तर कोरिया के सैनिक हैं तो वहीं दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया के सैनिक हैं। दोनों देशों के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा लगातार बना हुआ है। दरअसल पिछले महीने उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सेना की रक्षा के लिए एक स्पाई मिल्ट्री सेटेलाइट को लॉन्च किया था। लेकिन उसे ले जाने वाला राकेट स्काई में ही ब्लास्ट कर गया। एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया लगातार लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा की संख्या में भी वृद्धि करने में लगा है ऐसे में पूरी दुनिया को इस बात की भी चिंता है कि अगर दोनों देशों के बीच वृद्धि हुई रहे तनाव को नारा नहीं दिया गया तो दरवाज़े और भी बुरे हो सकते हैं।
सीमा पर बढ़ा हुआ तनाव
खबरों के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के खतरे और हमलों को नाकाम करने के लिए साउथ कोरिया के साथ अमेरिकी फौजी भी आतंकी हैं। पिछले दिनों अमेरिका ने अपने बेड़े के सबसे बड़े लड़ाकू विमान फ़्लोरेटर पावर गाइडेड मिसाइल सबमरीन यूएसएस मिशिगन को स्थापित किया है। उत्तर कोरिया के हमलों से खुद को बचाने के लिए दक्षिण कोरिया के पास भी होने वाले परमाणु हथियार को लेकर दक्षिण कोरिया सरकार ने अपने लोगों के बीच एक सर्वेक्षण कर मंजूरी का दावा किया है, जिसमें ज्यादातर लोगों ने कहा है कि दक्षिण कोरिया के पास भी परमाणु हथियार हैं। विकसित नहीं करना चाहिए. अगर उत्तर कोरिया की तरफ से परमाणु हथियारों पर हमला किया गया तो दक्षिण कोरिया ने एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को बार्डर पर स्थापित किया है, साथ ही ऐसे ही एक दावे के साथ मिल्ट्री इंफ्रास्ट्रचर के साथ-साथ कोरियन लोगों को शामिल करने के लिए विशेष आलेख तैयार किए गए हैं। कर रहा हूँ.
दक्षिण कोरिया भी है मुश्तैद
साउथ कोरिया की सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी में हाल ही में एक एक्सट्रीम एनवायरमेंट इंपैक्ट लैब बनाई गई है। इसका उद्देश्य यूनिवर्सल यूनिवर्सल में इमेजिंग वाले हाई पावर इम्पैक्ट की स्टडी करना है। ब्रिज, वॉल या किसी भी डिजाइन में इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल की यहां अध्ययनकर्ता की ओर से बताया गया है कि वो कितना मजबूत है साथ ही 60 डिग्री से भी अधिक 60 डिग्री तक के हालात को वो सहा पाएंगे की स्थिति में होगा या नहीं .
साउथ कोरिया की स्पेशल लैब से जी न्यूज की पड़ताल
जी न्यूज की टीम के दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ प्रोफेसर युन हो किम ने बताया कि यह पहला मौका है जब कोरिया में हाई इम्पैक्ट स्टडीज के लिए कोई लैब बनाई गई है। यहां पर हर परिस्थिति से लेकर मजबूत सामग्री की जांच की जाती है। किसी भी मजबूत दस्तावेज़ को तैयार करने से पहले उपयोग किए गए केक जाने वाले मटेरियल की यहां जांच की जाती है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की सीमा पर डी अगुआई और विधान जोन है।
वास्तविक के बावजूद कोई खतरा नहीं
एक एक्ट के तहत दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए कोरिया की सीमा 4 किलोमीटर तक दोनों देशों के सैनिक अपने साथ हथियार लेकर नहीं चल सकते लेकिन फिर भी यहां युद्ध का खतरा हर जगह मौजूद है। असैन्य क्षेत्र का अर्थ है DMZ पर बड़ी संख्या में कोरियाई सैनिक तैनात हैं। वहां से लेकर कई वैल्युएट्स की स्थापना की गई है। ताकि उत्तर कोरिया के किसी भी हमले को विफल किया जा सके। डॉक्टर्स के पास अमेरिकी सेना के भी बेस हैं जो 24 घंटे उत्तर कोरिया पर नजर रखते हैं।
सुरंग वाली स्क्रिप्ट हो गई है नाकाम
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर कब्ज़ा करने की कई बार साजिश रची है। कोरिया की इस सीमा पर अब तक 4 रंगों के बारे में जानकारी मिली है इनके बारे में थ्रेड टनल से जिसमें 1978 में जानकारी मिली थी उत्तर कोरिया से होते हुए दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल पर हजारों की संख्या में अपने सैनिकों को कब्जे में लेने की प्लान बनाया गया था. लेकिन समय रहते इसकी जानकारी मिल गई थी जिससे दक्षिण कोरिया बच गया था।
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