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– फोटो : amar ujala
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अपना दल (एस) के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के जयंती समारोह के मंच से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी एकता को धार दी।
पिछड़े वर्ग के वोटों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में चल रही रस्साकसी के बीच गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते नौ वर्ष में पिछड़े वर्ग के लिए लागू योजनाएं गिनाईं और संदेश दिया कि 2024 की नैया पिछड़े वर्ग के सहारे ही पार होगी।
लोकसभा चुनाव 2014 से लेकर विधानसभा चुनाव 2022 तक प्रदेश में एनडीए की जीत में पिछड़े वर्ग के वोटों की बड़ी भूमिका रही है। अब सभी दल मान चुके हैं कि यूपी में आगे रहने के लिए पिछड़ों का सहारा जरूरी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जहां पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) की एकता का नारा दिया है।
वहीं, मंच से अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने एनडीए की एकता की मिसाल देते हुए कहा कि यूपी में भाजपा और अपना दल (एस) का गठजोड़ सबसे लंबे समय तक चलेगा। सामाजिक न्याय विपक्षी दलों के लिए प्रतिबद्धता का विषय नहीं हैं।
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