Home World Pushpa Kamal Dahal Prachanda: इस देश के पीएम ने मार ली अपने पैर पर कुल्हाड़ी, भारत पर दिया ऐसा बयान, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

Pushpa Kamal Dahal Prachanda: इस देश के पीएम ने मार ली अपने पैर पर कुल्हाड़ी, भारत पर दिया ऐसा बयान, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

0
Pushpa Kamal Dahal Prachanda: इस देश के पीएम ने मार ली अपने पैर पर कुल्हाड़ी, भारत पर दिया ऐसा बयान, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

[ad_1]

भारत-नेपाल संबंध: नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमलहाल प्रचंड की एक टिप्पणी के बाद नेपाल में सितारा बुलंद हो गया है। इसके बाद नामांकन से उम्मीदवारी की मांग की जा रही है।

एक कार्यक्रम के दौरान प्रचंड ने कहा कि यहां एक भारतीय व्यापारी ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की ‘एक बार कोशिश’ की थी। प्रचंड ने यह भी कहा कि नेपाल में बिजनेस बिजनेस से जुड़े जाने-माने व्यापारी सरदार पतित सिंह ने नेपाल-भारत को मजबूत करने में विशेष और ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

प्रचंड ने ‘रोड्स टू द वैली: लीगेसी ऑफ सरदार सरदार सिंह की नेपाल पुस्तक के विमोचन समारोह में आयोजित एक समारोह में यह बात कही। प्रचंड ने कहा, ‘उसे (सिंह ने) एक बार मुझे प्रधानमंत्री बनाने की कोशिश की थी’। प्रचंड के अनुसार, ‘वे मुझसे कई बार दिल्ली गए और काठमांडू में नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत की।’ प्रचंड के इस बयान की कई लोगों ने आलोचना की है।

बेरोजगारी ने बोला हमला

मुख्य व्यवसायिक दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिपरम मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीएन-यू ग्रेड) ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की। कैथोलिक ने बुधवार को संसद के ऊपरी सदन राष्ट्रीय सभा की कार्यवाही में बाधा डाली, जिसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू हो गई।

सीपीएन-यू के संस्थापक अध्यक्ष पी शर्मा ओली ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से नहीं, पद छोड़ना चाहते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने प्रचंड के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, उनकी टिप्पणी में राष्ट्रीय स्वतंत्रता, गरिमा, संविधान और संसद को झटका दिया गया है।

इसी तरह, प्रचंड की वकालत के विरोध में चर्च चर्च-यूपी पार्टी, नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी और नेशनल प्रजातांत्रिक पार्टी (एपी) ने नोबेल प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही को बाधित कर दिया, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक नामांकन किया गया।

‘दिल्ली से नियुक्ति नहीं होनी चाहिए’

सीपीएन-यू बने प्रोटोटाइप और आरपीपी के सदस्यों ने नारा दिया कि नई दिल्ली में बने प्रधानमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

यूनाई कम्युनिस्ट पार्टी के डेमोक्रेट रघुजी पंत ने कहा, प्रधानमंत्री को नैतिकता का आधार छोड़ना चाहिए। हमें दिल्ली के प्रधानमंत्री की नियुक्ति की आवश्यकता नहीं है।

प्रचंड के बयान पर न सिर्फ नामांकन, बल्कि आश्रमिक आश्रम ने भी अपना असंतोष जताया है। नेपाली कांग्रेस के महासचिव विश्व प्रकाश शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री की टिप्पणी निंदनीय और अनुचित है। प्रचंड ने कहा कि सिंह ने अपना बयान लेकर ब्रेक-मरोडकर पेश किया था।

(इनपुट-पीटीआई)

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here