Home World अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजनयिकों, मिशनों की सुरक्षा की मांग की

अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजनयिकों, मिशनों की सुरक्षा की मांग की

0
अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजनयिकों, मिशनों की सुरक्षा की मांग की

[ad_1]

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राक्षसों ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशन पर दूसरे हमलों के बाद विदेश विभाग से भारतीय पुरातत्वविदों और अमेरिकी मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पेशकश की है।

उन्होंने गुरुवार को विदेश मंत्रालय से जिम्मेदार लोगों को कानून प्रवर्तन के लिए शिक्षण के साथ काम करने के लिए भी बुलाया। मार्च में हुए हमलों के कुछ ही महीनों बाद सुरक्षा उल्लंघन की दूसरी घटना शनिवार को सैन फ्रांसिस्को में दो लोगों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार में आग लगा दी। शनिवार की घटना में कोई कैस्टल नहीं हुआ और स्थानीय नौकरी विभाग ने आग लगा दी।

अमेरिकी कांग्रेस के सदस्योमी रो खन्ना और माइकल वाल फ्लैट्ज ने कहा, “इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष के रूप में हम सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में अलगाव और बर्बरता के प्रयास और राजदूत संधू शामिल हैं, जिन्होंने भारतीय कैथोलिकों के खिलाफ हिंसक बयानबाजी की और सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।” पोस्टरों की कड़ी निंदा करते हैं।” डेमोक्रेट नामांकित ख नासिका और रिपब्लिकन रिपब्लिकन वाल्ट्ज खालिस्तान के लिए लड़ाई का दावा करने वाले एक समूह द्वारा भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू को व्यक्तिगत धमाकियों का ज़िक्र कर रहे हैं।

ग्रुप के महावाणिज्य दूत और संस्थापक गुरपतवंत पी ब्लॉगन ने भारत को 2022 में नरसंहार घोषित किया था। संधू जैसे भारतीय पत्रकारों को उनके नाम से सार्वजनिक रूप से धमकियां देने के बावजूद अमेरिका ने उन पर प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है। पीए ब्युलन ने गुरुवार को जारी एक वीडियो संदेश में अपनी धमकियां दोहराईं। हालाँकि उन्होंने सड़क दुर्घटना में अपनी मौत की अफवाहों पर कुछ नहीं कहा।

इन अफ़सोसों को लेकर कई थ्योरी हैं। उनमें से एक, और सबसे विश्वसनीय, यह है कि पी.बी.बी.बी.ओ. ने इन अफवाहों में खुद को शामिल किया है क्योंकि वह सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशन पर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जांच और अभियोजन से बचाव की कोशिश कर रहा है। पुन्नुन्न ने गुरुवार को अमेरिकी संविधान में लोकतंत्र अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की मांग करते हुए वीडियो संदेश पोस्ट किया।

खन्ना और वाल्ट्ज ने बयान में कहा, “हम प्रत्येक अमेरिकी के लिए स्वतंत्र भाषण और अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का समर्थन करते हैं, लेकिन यह संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या हिंसा करने का लाइसेंस नहीं है।” उन्होंने कहा, ”राजनैतिक हितों के खिलाफ हिंसा एक आपराधिक अपराध है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।” हम विदेश मंत्रालय से भारतीय वाणिज्य दूतावास में हुए नुकसान की जांच में कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर सहयोग करने और इसमें शामिल लोगों से जवाबदेह होने का आग्रह करते हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से प्लास्टिक के सिद्धांतों पर प्रतिक्रिया के पक्ष में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

आईएएनएस

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो संपादकीय स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में bhaskarhindi.com टीम द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या बदलाव (संपादन) नहीं किया गया है| इस न्यूज की और न्यूज एजेंसी में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज एजेंसी) / अन्य विषय वस्तु) की सलाह अवश्य लें। मूल रूप से संबंधित समाचार एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो एवं वीडियो ऑडियो लेकर आएं bhaskarhindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

पर बनाया गया: &nbsp 7 जुलाई 2023 4:43 पूर्वाह्न जीएमटी

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here