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‘मिशन: इम्पॉसिबल’ सीरीज के क्रिस्टोफर मैकक्वेरी एक मात्र ऐसे निर्देशक हैं, जिन्होनें ‘मिशन: इम्पॉसिबल: रॉग नेशन’ और ‘मिशन इम्पॉसिबल: फॉलआउट’ के बाद अब ‘मिशन इम्पॉसिबल: डेड रेकनिंग पार्ट वन’ में तीसरी बार निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली है। इस फिल्म का निर्माण भी उन्होंने टॉम क्रूज के साथ फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल: फॉलआउट’ के बाद मिलकर किया है। यह ‘मिशन इम्पॉसिबल’ फिल्म श्रृंखला की सातवीं किस्त है। ग्लोबल सुपरस्टार टॉम क्रूज एक बार फिर एथन हंट के किरदार में जबरदस्त वापसी करने जा रहे हैं। 12 जुलाई को रिलीज हो रही इस फिल्म को देखने से पहले आइए जानते हैं कि अब तक इस सीरीज में सीक्रेट एजेंट एथन हंट के साथ क्या क्या हुआ…
मिशन इम्पॉसिबल (22 मई 1996)
सीक्रेट एजेंट एथन हंट की कहानी कहती फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल’ सीरीज की अब तक छह फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। सीरीज की पहली फिल्म 1996 में रिलीज हुई। एथन हंट और आईएमएफ टीम एक बड़ी आपदा को रोकने के लिए ऑगस्ट वॉकर के साथ मिल जाते हैं। हथियार डीलर जॉन लार्क और एपोस्टल्स के नाम से जाने जाने वाले आतंकवादियों के एक समूह ने वेटिकन, जेरूसलम और मक्का, सऊदी अरब पर एक साथ परमाणु हमले के लिए तीन प्लूटोनियम कोर का उपयोग करने की योजना बनाई है। जब हथियार गायब हो जाते हैं, तो एथन हंट और उनकी टीम उन्हें गलत हाथों में पड़ने से बचाने के लिए समय के विरुद्ध दौड़ लगाते हैं।
मिशन इम्पॉसिबल 2 (24 मई 2000)
‘मिशन इम्पॉसिबल 2’ का निर्देशन जॉन वू ने किया। इस बार एथन हंट आतंकवादियों द्वारा छोड़े जाने से पहले एक घातक वायरस को खत्म करने के मिशन पर अपनी आईएमएफ टीम का नेतृत्व करता है। उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों के एक गिरोह के साथ भी लड़ना होता है, जिसका नेतृत्व एक बागी पूर्व आईएमएफ एजेंट कर रहा है जो पहले से ही खतरनाक वायरस को चुराने में कामयाब रहा है।
फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल 3’ में दिखाया गया है कि एथन हंट आईएमएफ से सेवानिवृत्त होने के बाद इम्पॉसिबल मिशन फोर्स के रंगरूटों को प्रशिक्षण दे रहा है। वह अपनी मंगेतर नर्स जूलिया मीडे के साथ घर बसा चुका है। जूलिया मीडे अब तक एथन हंट की वास्तविक नौकरी से अनजान है। आईएमएफ के सहायक संचालन निदेशक जॉन मुस्ग्रेव अपने एक शिष्य लिंडसे फैरिस को बचाने के लिए एक विशेष मिशन के बारे में एथन हंट से संपर्क करता है, जिन्हें हथियार डीलर ओवेन डेवियन की जांच के दौरान पकड़ लिया गया था। एथन हंट एक बार फिर अपने एक नए मिशन पर निकल पड़ता है। इस फिल्म का निर्देशन जे जे अब्राम्स ने किया था।
‘मिशन इम्पॉसिबल’ की चौथी फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल: घोस्ट प्रोटोकॉल’ की कहानी रूस के क्रेमलिन में भयंकर धमाके के साथ न्यूक्लियर लांच डिवाइस के चोरी हो जाने के बाद शुरू होती है। इस डिवाइस के चोरी का इल्जाम एथन हंट और उसके साथियों पर लगता है। सरकार इन एजेंट को पकड़ने के आदेश जारी कर देती है। लेकिन असल में न्यूक्लियर लांच कोड हासिल करके परमाणु युद्ध से दुनिया को प्रोफेसर हैंडि्रक्स खत्म करना चाहता है, जिसे रोकने के लिए एथन हंट की टीम जी जान लगा देती है। फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर भी छोटे से किरदार में नजर आए थे। फिल्म की शूटिंग मुंबई में भी हुई थी।
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