Home Breaking News Manipur Violence: ‘कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारा नहीं सरकार का काम’, मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

Manipur Violence: ‘कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारा नहीं सरकार का काम’, मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

0
Manipur Violence: ‘कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारा नहीं सरकार का काम’, मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

[ad_1]

Supreme Court Manipur Violence Internet Ban CM N Biren Singh High Court news and updates

सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने आज मणिपुर की स्थिति पर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट कानून और व्यवस्था नहीं चला सकता है। ये काम चुनी हुई सरकार का है। दरअसल, कुकी समूहों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस ने राज्य में बढ़ती हिंसा के बारे में चिंता जताई। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्य में स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप करने की मांग की है।

इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा या कानून व्यवस्था के प्रबंधन में न्यायालय की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। सीजेआई ने कहा कि हम नहीं चाहते कि इन कार्यवाहियों का इस्तेमाल हिंसा और अन्य समस्याओं को और बढ़ाने के मंच के रूप में किया जाए। हमें सचेत रहना चाहिए कि हम सुरक्षा या कानून व्यवस्था नहीं चला रहे हैं। यह एक मानवीय मुद्दा है और इसे उसी नजरिए से देखने की जरूरत है। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हम कल मामले की सुनवाई करेंगे। 

गोंसाल्वेस ने आरोप लगाया कि मणिपुर में हिंसा को भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर हिंसा में शामिल सशस्त्र समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह यूएपीए में अधिसूचित सशस्त्र समूहों द्वारा गंभीर वृद्धि का मामला है। इनका उपयोग राज्य द्वारा किया जा रहा है।






[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here