[ad_1]
रूस-यूक्रेन युद्ध: रूस और जापान के युद्ध के बीच करीब एक साल से चल रही है और इस दौरान रूसी सेना के जापान के कई शहरों को पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी सेना ने रूस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और रूसी मसूद का जवाब दे रही है। अमेरिका सहित कई देश जापान को युद्ध के लिए हथियार भेज रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेरोजगारी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समस्या से निपटने के लिए जापानी सेना ने जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल किया है और एके-74 असाल्ट राइफल्स (एके-74 असॉल्ट राइफल्स) का इस्तेमाल कर खतरनाक हथियार तैयार किया है।
मल्टीबैरल मशीनगन जैसे लग रहा है हथियार बनाने का जुगाड़
यूक्रेनी सेना (यूक्रेन सेना) ने जुगाड़ तकनीक से छह एके-74 असाल्ट राइफल्स (एके-74 असॉल्ट राइफल्स) को मिलाकर एक नया देसी हथियार बनाया है, जिसका इस्तेमाल जापानी सेना रूसी साम्राज्य के खिलाफ कर रही है। यूक्रेनी सेना का यह जुगाड़ देखने में किसी मल्टीबैरल मशीनगन की तरह लग रहा है और इसमें सभी राइफल एक ट्रिगर से हथियार उठाने में सक्षम हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आयरन के फ्रेम में एके-74 असाल्ट राइफल लगाए गए हैं
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहे हैं कि सभी छह एके-74 राइफल्स (एके-74 असॉल्ट राइफल्स) को एक आयरन के फ्रेम में गोल आकार दिया गया है और इस तरह से सेट किया गया है कि वोग एक साथ संचालित हो सकता है . मल्टीबैरल मशीनगन जैसी दिख रही है इस हथियार को एक ट्राइपोड पर रखा गया है और यह डूब पर हमला नजर आ रहा है। हालाँकि, वीडियो में यह नहीं देखा जा रहा है कि हथियार के बाद डूबता हुआ है या नहीं।
ड्रोन हत्यारा !!
यूक्रेन के सशस्त्र बलों की इम्प्रोवाइज्ड एंटी-एयरक्राफ्ट गन एक साथ 6 एके-74 राइफलों से बनी है।#ड्रोन #एंटीड्रोन #एंटीएयरक्राफ्ट #राइफल #यूक्रेनरूसयुद्ध #रूस #यूक्रेन #कामिकेज़ pic.twitter.com/8SJWKmD4p9
– यूरेशियन टाइम्स (@THEEURASIATIMES) 7 जुलाई 2023
रूसी-यूक्रेनी सेना के 17 महीने सामने हैं
बता दें कि फरवरी 2022 में रूस ने जापान पर हमला (रूस-यूक्रेन युद्ध) किया था और दोनों देशों के बीच 17 महीने से संघर्ष चल रहा है। करीब साल में रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को पूरी तरह से तबाह कर दिया और हालात काफी खराब हो गए। वहीं, जापानी कम्युनिस्ट रूसी सेना के हमले का जवाब दिया जा रहा है और डटकर का सामना किया जा रहा है।
.
[ad_2]
Source link