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तापमान।
– फोटो : अमर उजाला।
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जुलाई का सप्ताह धरती पर रिकॉर्ड सबसे गर्म सप्ताह रहा क्योंकि कई दिनों तक चिलचिलाती धूप रही। इसके बाद वैश्विक तापमान में गिरावट देखी गई। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के शुरुआती निष्कर्षों में यह जानकारी निकलकर सामने आई है।
जलवायु परिवर्तन और अल नीनो मौसम पैटर्न के शुरुआती चरणों के बाद डब्ल्यूएमओ ने एक बयान में कहा, प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई दुनिया में रिकॉर्ड सबसे गर्म सप्ताह था। बयान में कहा गया, यह एक साल के आधे रास्ते में रिकॉर्ड्स की एक श्रृंखला (सीरीज) में ताजा रिकॉर्ड है। स्पेन सूखा और चीन व अमेरिका भयंकर गर्म लहरों का सामना कर चुका है।
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि तापमान ‘पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण पर संभावित विनाशकारी प्रभाव’ के साथ भूमि और महासागरों दोनों में रिकॉर्ड तोड़ रहा है। डब्ल्यूएमओ के जलवायु सेवाओं के निदेशक क्रिस्टोफर हेविट ने कहा, ‘हम अज्ञात क्षेत्र में हैं और उम्मीद है कि अल नीनो के आगे बढ़ने के साथ और कई रिकॉर्ड टूट जाएंगे और ये प्रभाव 2024 तक बढ़ जाएंगे।’ उन्होंने कहा कि यह धरती के लिए एक चिंताजनक बात है।
डब्ल्यूएमओ ने कहा कि उसने दुनिया भर के भागीदारों के विभिन्न डेटासेट को देखा है। यूरोप की जलवायु निगरानी सेवा कोपरनिकस ने एएफपी को बताया कि उसके आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 1940 के बाद से पिछला सप्ताह सबसे गर्म रहने की संभावना है।
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