Home Sports ‘नारे लगे थे, यूनुस को आउट करो’, पाक बैटर ने उनके देश के एक मैच का किया जिक्र

‘नारे लगे थे, यूनुस को आउट करो’, पाक बैटर ने उनके देश के एक मैच का किया जिक्र

0
‘नारे लगे थे, यूनुस को आउट करो’, पाक बैटर ने उनके देश के एक मैच का किया जिक्र

[ad_1]

हाइलाइट्स

कहा-लोग चाहते थे कि मैं या मो.यूसफ आउट हो जाएं
ऐसी स्थिति में उन्‍हें अफरीदी की बैटिंग देखने को मिलेगी

नई दिल्‍ली.पाकिस्‍तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी को लेकर दुनियाभर में दीवानगी किसी से छुपी नहीं है. अफरीदी की जबर्दस्‍त फैन फॉलोइंग है,उनकी छक्‍के लगाने की जबर्दस्‍त क्षमता के लोग कायल थे और कई बार तो उनका खेल देखने के लिए स्‍टेडियम पहुंचते थे. पाकिस्‍तान के बेहतरीन बल्‍लेबाज यूनुस खान (Younis Khan)ने ऐसी एक घटना का जिक्र किया है जो शााहिद अफरीदी (Shahid Afridi)के खेल के प्रति लोगों की दीवानगी का दर्शाती है. बता दें, यूनुस खान टेस्‍ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले पाकिस्‍तान के एकमात्र बल्‍लेबाज हैं.

यूनुस ने एक टीवी शो में बताया, ‘हम भारत के खिलाफ पाकिस्‍तान में एक टेस्‍ट मैच खेल रहे थे. मैं यानी यूनुस 150 पर खेल रहे जबकि मोहम्‍मद यूसफ (यूसफ योहाना) 170 रन पर. आप जानते हैं इस दौरान लोग क्‍या आवाजें लगा रहे थे- यूनुस खान को आउट करो, मो.यूसुफ को आउट करो. जानते हैं क्‍यों ताकि इनके आउट होने पर शाहिद अफरीदी बैटिंग के लिए आएं और उन्‍हें जबर्दस्‍त छक्‍के देखने के लिए मिलें. यह हुआ है. शाहिद अफरीदी बैटिंग के लिए आए. एक छक्‍का मारा, दो छक्‍के मारे, और आउट हो गए.. सब लोग मैदान से चले गए. अरे मेरे 200 रन हो रहे हैं, उसके लिए तो वेट कर लो.नहीं…शाहिद ने दो छक्‍के मार दिए, हमारे पैसे वसूल हो गए. यूनुस खान 190 पर खेल रहे लेकिन लोग ही नहीं हैं.’

इस सवाल कि धीमी बैटिंग के कारण मिस्‍बाह उल हक का तो नाम ही ‘टुक-टुक’ पड़ गया. क्‍या आपका दिल नहीं करता था छक्‍के मारने का या आपसे होता नहीं था, युनुस ने कहा-ऐसी बात नहीं है. जब हम निकलते थे तो शाहिद भाई का तो पता था कि ये अपनी मर्जी से खेलेंगे. ऐसे में पारी संभालने का प्रेशर हम पर रहता था.

कार्यक्रम में अफरीदी में मौजूद थे. उनसे सवाल किया गया कि आपकी सबसे अच्‍छी जोड़ी सईद अनवर के साथ रहीं. आप दोनों बैटिंग करते हुए अच्‍छे लगते थे, इस बारे में अफरीदी ने कहा कि हमारे देश में कोचिंग अलग स्‍टाइल से होती है. एक चीज का टेलैंट अल्‍लाह ने मुझे दिया अगर मैं उसे न दिखाऊं तो वह मेरी स्‍ट्रेंथ है. हमारे बड़े कोच चाहते थे कि शाहिद हमारी तरह खेले और सर्कल में से सिंगल-डबल करे.शाहिद के पास यह नहीं हैं. ऑस्‍ट्रेलियाई और बॉब वूल्‍मर जैसे कोच इससे अलग थे. वे चाहते थे कि जो तुम्‍हारी स्‍टेंथ है उसी अंदाज में खेलो. मैं जानता था कि मैंने अपने यहां के कोच की बात नही मानी तो वे हमसे नाराज रहेंगे और मेरी दुआ-सलाम का जवाब नहीं देंगे.’

Tags: Cricket, Pakistan cricket team, Shahid afridi

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here