[ad_1]
हाइलाइट्स
9 घंटे तक लगातार बैटिंग कर हारने से बचाया
सचिन तेंदुलकर-रवि शास्त्री भी रहे थे फ्लॉप
नई दिल्ली. ऐसा कई बार हुआ है कि टीम इंडिया मैच हारने के कगार पर आ गई हो और किसी एक खिलाड़ी ने अकेले के दम पर मैच को जीता दिया हो या फिर हार से बचाया हो. भारत के लिए सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली जैसे खिलाड़ी यह कई दफा कर चुके हैं. एक बार पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी कुछ ऐसा ही किया था. उन्होंने 9 घंटे तक लगातार मैदान में डंटकर टीम इंडिया को मैच हारने से बचाया था.
दरअसल, बात है साल 1992 की जब भारत जिंबाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच खेल रहा है. जिंबाब्वे ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और भारत को गेंदबाजी करने का न्योता दिया. जिंबाब्वे की ओर से पहली इनिंग में ग्रंट फ्लावर ने 297 गेंदों में 82 रन बनाए थे. वहीं डेव हाउगटन ने 121 रनों की पारी खेली थी. इस तरह जिंबाब्वे ने कुल 456 रन बनाए थे.
अब बारी टीम इंडिया की बल्लेबाजी की आई. रवि शास्त्री 11 बनाकर आउट हो गए. इसके बाद संजय मांजरेकर बल्लेबाज़ी करने उतरे. वुकेरी रमण अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे लेकिन सिर्फ़ 43 रन बना सके. इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने 0, मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 9 और वेंकटपती राजू ने 7 रन बनाए. अब पूरी जिम्मेदारी संजय मांजरेकर पर आ गई. वह क्रीज पर डंटे रहे और 9 घंटे तक लगातार बल्लेबाजी कर टीम इंडिया के लिए शतक जड़ 422 गेंदे में 104 रन बनाए थे.
5 क्रिकेटर, जो फुटबॉल में भी आजमा चुके हैं हाथ, लिस्ट में एक महिला और भारतीय खिलाड़ी का नाम भी शामिल
संजय ने इस पारी के दौरान 7 चौके मारे थे. उनके साथ बैटिंग करते हुए कपिल देव ने 95 गेंदों में 60 रन बनाए थे. इस तरह टीम इंडिया ने कुल 307 रन बनाए. जिम्बाब्वे की टीम दूसरी इनिंग में बल्लेबाजी करने उतरी. लेकिन पांचवे दिन तक वह सिर्फ 146 रन ही बना सकी. इसी के साथ यह मैच ड्रॉ रहा था. मांजरेकर का लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना भारत के लिए काफी अहम साबित हुआ.
.
Tags: India vs Zimbabwe, Sanjay Manjrekar, Team india
FIRST PUBLISHED : July 14, 2023, 15:37 IST
[ad_2]
Source link