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घर खरीदने वालों की समस्या ब्रिटेन: घर खरीदने का फैसला आसान नहीं होता। लोग सोच समझकर समृद्धि लेने का निर्णय लेते हैं। अपनी छत यानी खुद के घर की चाहत में लोग साड़ी सेविंग और जामपूंजी लगाते हैं। इसके बावजूद भी शायद ही देश का कोई ऐसा शहर हो जहां होम बायर्स (घर खरीदने वाले) और दिवालियापन के बीच किसी न किसी बात को लेकर विवाद न हो। होम डिफ़ायसी के फ़्रॉड की बहुत सी कहानियाँ आपने भी सुनी होंगी। दिल्ली-एनसीआर में खास तौर पर बिल्डर्स के धोखे के शिकार लोग बाए होम बायर्स एसोसियेशन अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे हालात सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि आधी दुनिया पर राज करने वाले ब्रिटेन (यूके) में भी हैं।
यूरोप में भी सबसे बड़ी समस्या
पूरे यूरोप में सही घर की शादी की समस्या है। बड़े और विकसित शहरों में भव्यता के तारे आकाश छू रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को रहने के लिए अधूरे फ्लैट में नहीं मिल रहे हैं। लंदन और आसपास के लोग भी धोखे का शिकार हो रहे हैं। अब जिस बिल्डर की कारस्तानी आपको बताई जा रही है, उसे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे।
करोड़ों के घर के नाम पर धोखा
‘द मिरर’ की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के एक शानदार इलाके में अपार्टमेंट बन रहा था। शानदार कलाकृतियों और भव्य प्रचार को देख कर सैकड़ों लोगों ने वहां निवेश किया। लेकिन जब उन्हें घर की चाभी मिली और वो शिफ्ट हुए तो उन लोगों को वो हकीकत देखने को मिली कि सच ही उड़ गया। जब लोग को अपार्टमेंट का सारा रोडम दिखा तो वो में आ गए। इन घरों की कीमत 70 लाख से एक करोड़ के बीच है। इसके बावजूद अन्य मुद्दों का अंबार है। सोसाइटी के पास रिचुअल-फूटी स्ट्रीट और सुपरमार्केट फैक्ट्री जैसी दिक्कतों से लोगों का जीना मुहाल हो गया।
सड़कों पर ज्यादातर जगहों पर पॉटहोल्स, नालिया और चमेली कोन मौजूद हैं। कुछ गलियाँ इतनी संकरी हो गईं कि फ़्रैंक की सैर-फिराना तक मुश्किल है। कई लोग अपना घर ठीक जा चुके हैं। बहुत से लोग रेलवे स्टेशन जाना चाहते हैं. लेकिन जिन लोगों ने फ़सल के बाद यहां घर ख़रीदी वो होने से बहुत परेशान हैं।
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