Home Sports मैदान पर प्रैक्टिस करने से रोका गया, घर से 14000 किलाेमीटर दूर बना दिया इतिहास

मैदान पर प्रैक्टिस करने से रोका गया, घर से 14000 किलाेमीटर दूर बना दिया इतिहास

0
मैदान पर प्रैक्टिस करने से रोका गया, घर से 14000 किलाेमीटर दूर बना दिया इतिहास

[ad_1]

नई दिल्ली. यशस्वी जायसवाल का नाम आज सभी लोगों की जुंबा पर है. 21 साल के मुंबई के यशस्वी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में 171 रन की यादगार पारी खेली. यह उनका इंटरनेशनल डेब्यू मैच था. भारत ने यह मुकाबला पारी और 141 रन से जीतकर 2 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. घर से लगभग 14 हजार किलोमीटर दूर डोमिनिका में यशस्वी जब इतिहास रच रहे थे, तब मुंबई में उनका बड़ा सपना पूरा हो रहा था. यशस्वी मुंबई के सांताक्रुज में पिछले 2 साल से अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहते थे. मैच के दौरान उनका परिवार खुद के घर में शिफ्ट हो गया. यशस्वी मैच के दौरन भी बार-बार फोन करके यही पूछ रहे थे कि आप कब शिफ्ट कर रहे हो, मैं अब किराये के घर में फिर से वापस नहीं आना चाहता.

उप्र के भदोही जिले के रहने वाले यशस्वी जायसवाल 12 साल की उम्र में मुंबई आ गए थे. यहां उन्हें गोल-गप्पे बेचने पड़े और टेंट तक में रहना पड़ा. वे पेड़ पर चढ़कर आईपीएल के मैच देखते थे. एक बार आजाद मैदान में उन्हें प्रैक्टिस करने तक करने से रोक दिया गया था. यशस्वी के भाई तेजस्वी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि वह हमेशा कहता रहता था, जल्दी शिफ्ट करो. अब मैं इस घर में नहीं रहना चाहता. टेस्ट मैच के दौरान भी वह शिफ्टिंग के प्लान के बारे में पूछ रहा था.

एक ही ख्वाहिश थी
तेजस्वी ने बताया कि यशस्वी जायसवसाल की जिंदगी में एक ही ख्वाहिश थी कि उसका अपना एक घर हो. आप जानते हैं कि यह सब कितने संघर्ष के बाद हुआ है. उसे सिर के ऊपर छत होने का मतलब पता है, खासकर मुंबई जैसे शहर में. यशस्वी ने 2019 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और 3 साल बाद उन्हें आईपीएल का पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला. आईपीएल 2023 में उन्होंने टी20 लीग के इतिहास सबसे तेज फिफ्टी लगाई और अब डेब्यू टेस्ट में शतक. वे डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले 17वें भारतीय हैं.

50 गेंद पर नहीं बना सके थे एक भी रन
मुंबई के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वसीम जाफर भी यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी से प्रभावित दिखे. उन्होंने बताया कि 2021-22 में रणजी ट्राॅफी के सेमीफाइनल में यशस्वी ने उप्र के खिलाफ पहली पारी में 100 तो दूसरी पारी में 181 रन बनाए. लेकिन दूसरी पारी में वह 50 गेंद एक भी रन नहीं बना सका था. लेकिन बाद में उसने बड़ी पारी खेली. उसकी सहनशीलता से पता चलता है कि वह कितना मेच्योर है. पूर्व क्रिकेटर लालचंद राजपूत ने कहा तीनों फॉर्मेट में एक जैसा प्रदर्शन आसान नहीं रहता, लेकिन यशस्वी ने ऐसा करके दिखाया है.

दोहरे शतक जड़ने वाले 2 खूंखार बैटर नहीं खेल सकेंगे वर्ल्ड कप, एक तो कप्तान भी, ऐसे समझें BCCI का प्लान

तेजस्वी ने बताया कि यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण था. वह इसके लिए काफी समय से मेहनत कर रहा था. पिता कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और उन्होंने यशस्वी के लिए प्रार्थना की थी. यशस्वी परिवार का सबसे शांत व्यक्ति है और वह अपने खेल पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करता है. यशस्वी के लिए इस बीच एक और बड़ी खबर आई. उन्हें एशियन गेम्स के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह मिल गई है. वे वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में भी अपने इस प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे. दूसरा टेस्ट 20 जुलाई से शुरू हो रहा है.

Tags: India vs west indies, Team india, Yashasvi Jaiswal

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here