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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे।
– फोटो : ANI
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि महाराष्ट्र सरकार चलाने वाले गठबंधन के तीन दलों के 200 से अधिक विधायकों में से किसी के साथ निर्वाचन क्षेत्रों के लिए धन आवंटन के मामले में कोई अन्याय न हो। सीएम शिंदे ने कहा कि वह और दोनों डिप्टी सीएम, देवेंद्र फडणवीस एवं अजित पवार यह देखेंगे कि तीनों दलों के सभी विधायकों के साथ समान व्यवहार किया जाए।
नासिक में ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत एक सभा को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, कल (शुक्रवार) अजित दादा ने मुझे उन लोगों के बारे में बताया जिन्हें उनके बारे में गलत धारणा है कि वह ‘दबंग’ और सख्त हैं। हालांकि, अजीत दादा ने मुझसे कहा कि वह सबको साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं और उनके साथ कोई पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं किया जाएगा। शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में वह आश्वस्त करना चाहते हैं कि वह दोनों उपमुख्यमंत्रियों (फडणवीस और पवार) को विश्वास में लेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि तीनों सत्तारूढ़ दलों के किसी भी विधायक और सांसद को कोई भी समस्या न हो।
शिंदे का यह आश्वासन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि महा विकास आघाड़ी (एमवीए) शासन के दौरान 40 शिवसेना विधायकों के विद्रोह करने का एक कारण यह था कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आवंटित राशि कथित तौर पर अवरुद्ध कर दिया गया था। उन्होंने तब वित्त मंत्रालय के प्रमुख अजित पवार पर विकास निधि उपलब्ध कराने में उनके निर्वाचन क्षेत्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया था। मौजूदा सरकार में भी अजीत पवार को वित्त मंत्रालय आवंटित किया गया है और शिवसेना विधायकों के एक वर्ग के बीच आशंका है कि वही मुद्दे सामने आ सकते हैं।
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