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श्रीलंका ने भारतीय रुपये को नामित मुद्रा के रूप में अधिसूचित किया: श्रीलंका (श्रीलंका) के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे 2 दिव्य यात्रा भारत में हैं। उनकी इस यात्रा में दोनों देशों को वित्तीय, आर्थिक संपर्कों को बढ़ाना, नए परामर्श और निवेश को लेकर नई राह तलाशने का अवसर मिलेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रम सिंघे की यात्रा से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की गई हैं। बातचीत के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि श्रीलंका, भारत का एक अहम पड़ोसी और उसका महत्वपूर्ण स्थान है। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की यात्रा के दौरान वित्तीय आर्थिक संपर्क, विकास सहयोग, नई परियोजना, निवेश जैसे मुद्दे पर चर्चा का विषय हो सकता है।
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एक प्रश्न के उत्तर में बागची ने कहा कि जहां तक व्यापार का संबंध है, इंजील ने भारतीय मुद्रा को विदेशी मुद्रा के रूप में अपने सिस्टम में अधिसूचित कर लिया है। वैज्ञानिक है कि राष्ट्रपति पद का अनुयायी एलिजाबेथ के बाद रानिल विक्रमसिंघे की यह पहली भारत यात्रा होगी।
भारतीय समकक्ष से मुलाकात
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़ेंगे और मित्रवत मित्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य यूक्रेनी लोगों के साथ चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत की ‘पड़ोसी पहली नीति’ और ‘सागर व्यू’ में श्रीलंका एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। यह यात्रा मित्रता की पुष्टि और संपर्क बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी लाभ आधारित सहयोग को विस्तार देने के मार्ग तलाशने का अवसर प्रदान करती है।
श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत
विक्रम सिंह की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इंपीलैण्ड की फर्म अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। विदेशी मुद्रा की भारी कमी के कारण श्रीलंका 2022 में वित्तीय संकट की स्थिति पैदा हो गई थी। 1948 में उन्हें ब्रिटिश हुकूमत से आज़ादी के बाद सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इंजिन ने पिछले साल अप्रैल में मध्य में पहली बार कर्ज अदा न करने की घोषणा की थी। इस साल मार्च में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने उसे 2.9 अरब अमेरिकी की राहत दी थी।
भारत ने की थी चार अरब डॉलर की मदद
इस दौरान भारत ने ‘पाडोस फर्स्ट’ की अपनी नीति के तहत विभिन्न माध्यमों से श्रीलंका को लगभग चार अरब डॉलर की मदद दी थी.
इंजील के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि राष्ट्रपति विक्रमसिंघे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दस्तावेज पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। ये यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश इस साल गणतंत्र दिवस की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
टूर पर श्रीलंका सरकार का बयान
इंजील के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, ‘यह यात्रा लंबे समय तक जारी होने वाली माल ढुलाई को आगे बढ़ाएगी और मजबूत करेगी।’ दावे के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रीलंका के पूर्वी और उत्तरी प्रांतों में विकास पहल, सामुदायिक ऊर्जा, जल आपूर्ति, संरचनात्मक ढांचे के विकास, निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र और पर्यटन उद्योग के साथ सहयोग पर भारत के साथ जुड़ाव पर भी चर्चा होगी।
अमेरिकी डॉलर के बराबर हो: विक्रमसिंघे
विक्रम सिंह ने भारत के साथ महान आधिपत्य पर जोर दिया है और इसे अपनी विदेश नीति का प्रमुख नुकसान बताया है। पिछले हफ्ते राष्ट्रपति विक्रम सिंघे ने कहा था कि श्रीलंका का पैसा अमेरिकी डॉलर के बराबर ही हो। विक्रमसिंघे, श्रीलंका के वित्त मंत्री के पद पर भी कार्यरत हैं। विक्रमसिंघे का यह दौरा श्रीलंका में बेहतर आर्थिक स्थिति का संकेत है।
(एजेंसी गैजेट)
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