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उफान पर यमुना
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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पहाड़ और मैदान में हुई बारिश के बाद शनिवार को एकबार फिर यमुना नदी उफान पर आ गई। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हथिनीकुंड बैराज पर दोपहर दो बजे तक 2.51 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इससे पहले एक लाख क्यूसेक पानी होने पर हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। माना जा रहा है कि यह पानी अगले 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा, जिसके बाद एनसीआर और दिल्ली की एकबार फिर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सिंचाई विभाग के अनुसार, शुक्रवार की रात आठ बजे हथिनीकुंड बैराज में 47130 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया था। इसमें से 28310 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। बाकी बचे पानी में से 17010 क्यूसेक पानी पश्चिमी यमुना नहर और यूपी पूर्वी यमुना नहर में 1810 क्यूसेक पानी दिया गया।

टापू कमालपुर में पहाड़ों में हुई बारिश से बढ़ा यमुना नदी का जलस्तर।
इसके बाद शनिवार की सुबह तीन बजे से अचानक यमुना नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ, जो चार बजे तक 59577 क्यूसेक, पांच बजे 63405 क्यूसेक, छह बजे 73390 क्यूसेक, सात बजे 82204 क्यूसेक और आठ बजे 87177 क्यूसेक दर्ज किया गया। फिर शनिवर की सुबह नौ बजे यमुना नदी का जलस्तर एक लाख को पार करते हुए 147857 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद 10 बजे 209042 क्यूसेक, 11 बजे 223054 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 240825 क्यूसेक और दोपहर दो बजे सर्वाधिक 251987 क्यूसेक पर पहुंच गया।
नदी में पानी का जलस्तर बढ़ने से सिंचाई विभाग ने बैराज से यमुनानगर में आ रही पश्चिमी यमुना नहर और उत्तर प्रदेश जा रही पूर्वी यमुना नहर में पानी की सप्लाई बंद कर दी है, क्योंकि यमुना नदी में पानी के साथ भारी मात्रा में पत्थर, पेड़ व गाद बह कर आती है, जिससे नहरों के अटने का खतरा रहता है।
यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद क्षेत्रीय प्रशासन ने यमुना नदी से सटे गांवों के लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। इससे पहले 11 जुलाई को यमुना नदी में इस साल का सर्वाधिक 359000 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जिससे दिल्ली के कई इलाके जलमग्न हो गए थे।
तीन बजे से घटने लगा यमुना का जलस्तर
दोपहर तीन बजे से यमुना नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया। तीन बजे बैराज पर जलस्तर 242905 क्यूसेक, शाम चार बजे 232566 क्यूसेक, पांच बजे 204436 क्यूसेक दर्ज किया गया।
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