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Rajasthan: अमर उजाला से बातचीत में राजेंद्र गुढ़ा की बर्खास्तगी को लेकर CM गहलोत बोले- यह हमारा अंदरूनी मामला

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Rajasthan: अमर उजाला से बातचीत में राजेंद्र गुढ़ा की बर्खास्तगी को लेकर CM गहलोत बोले- यह हमारा अंदरूनी मामला

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Rajasthan CM Gehlot says about dismissal of Rajendra Gudha from Amar Ujala it's our internal matter

सीएम अशोक गहलोत
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि राजेंद्र गुढ़ा सरकार और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ बार-बार बयान दे रहे हैं। दो-चार बार उनके बयान आ चुके हैं। कहीं उनकी बीजेपी से सांठगांठ तो नहीं हैं, इसकी जांच की जाएगी और एक्शन लिया जाएगा। राजेंद्र गुढ़ा की मंत्री पद से बर्खास्तगी को लेकर सीएम अशोक गहलोत ने कहा, यह हमारा पार्टी का अंदरूनी मामला है तो वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और पीसीसी चीफ डोटासरा ने विधानसभा में दिए गए राजेंद्र गुढ़ा के बयान को बीजेपी से सांठगांठ वाला बताते हुए इसकी जांच कराने की बात कही है। राजेंद्र गुढ़ा ने सोमवार को राजस्थान विधानसभा में प्रदेश कांग्रेस सरकार को फिर से गिरने की बात कही है, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस पार्टी उन पर गाज गिरा सकती है और सूत्र बताते हैं कि संगठन की ओर से उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा सकता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को राजस्थान विधानसभा में दिए गए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के बयान और उसके तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की ओर से धाराएं बताते हुए विधानसभा में सरकार को घेरने की जांच के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है जांच कंप्लीट कर राजेंद्र गुढ़ा को कांग्रेस की सदस्यता से भी निष्कासित किया जा सकता है।

प्रभारी रंधावा ने कहा, कल मणिपुर को लेकर हमारे विधायक बोल रहे थे, तब हमारे एक मंत्री ने कहा कि मणिपुर को छोड़िए राजस्थान की बात कीजिए जैसी उनकी भाषा थी। प्रतिपक्ष के नेता ने किस तरह कहा कि मंत्री परिषद का सदस्य खड़ा होकर स्टेटमेंट देता है, तो यह पूरी सरकार का स्टेटमेंट है तो वह हमारी सरकार की भावना के साथ नहीं है। पहले भी दो चार बार ऐसी बातें हो चुकी थी। मैंने राजेंद्र सिंह गुढ़ा को हिदायत दी थी। एक बार से ज्यादा ऐसा हो चुका है। उन्होंने कहा था कि आइंदा से ऐसा नहीं होगा। लेकिन फिर भी यह घटना हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया था आगे से ऐसा नहीं होगा। मुझे नहीं लगता अब तक उनके दिमाग से बीएसपी निकली है। गुढ़ा से पहले और बाद में नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने अपना रिएक्शन दिया। कहीं दोनों की सांठ गांठ तो नहीं है, उसकी हम जांच करेंगे।

कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा के मुद्दे पर रंधावा ने कहा कि नौजवान लीडर बहुत सेंसिटिव होते हैं। उन्होंने अपने एरिया की बात की। उनकी सेंटीमेंट थी। उन्होंने लेकिन कभी पार्टी के खिलाफ बात नहीं की। मदेरणा का परिवार कांग्रेसी परिवार है। उन्होंने कभी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ ऐसी बात नहीं है। उनको हर्ट हुआ है। तो उस पर हम देखेंगे। जब से मैं आया हूं अध्यक्ष जी ने और मैंने पूरी कांग्रेस ने मिलकर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष बनाए, उसके बाद जिलाधयक्ष भी बना दिए, प्रदेश की कार्यकारिणी भी बना दी।

जल्द ही आपके पास मैसेज आ जाएगा…

क्या गुढ़ा कांग्रेस से निष्कासित होंगे? इस पर रंधावा बोले, जल्द ही आपके पास मैसेज आ जाएगा। अगर पॉलिटिक्स में चलना है तो सुधारना चाहिए। मंत्री परिषद के साथ ही सरकार के खिलाफ वो सदन में बयान देते हैं। पहले भी दो चार बार वह ऐसी बात कह चुके हैं।  मैंने राजेंद्र गुढ़ा को पहले ही हिदायत दी थी।

विधायक दिव्या मदेरणा को उनकी बयानबाजी को लेकर तलब किया – सूत्र

मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को उनके पद से बर्खास्त किया गया, वहीं उसके बाद विधायक दिव्या मदेरणा को उनकी बयानबाजी को लेकर तलब किया गया है। प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, लेकिन अनुशासन जरूरी है। पार्टी के अंदर कोई भी बोल सकता है, लेकिन बार-बार पार्टी के बाहर पब्लिक प्लेटफॉर्म पर पार्टी और सरकार के खिलाफ बात करना गलत है। पार्टी विरोधी बात करना भी ठीक नहीं है। दिव्या मदेरणा के मामले को लेकर प्रभारी रंधावा ने कहा कि उन्होंने कभी भी पार्टी विरोधी बात नहीं की। जो बात कही वह उनका नजरिया था।

पिछले दो महीने से मणिपुर में लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं – रंधावा

बीजेपी की केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए प्रदेश प्रभारी रंधावा बोले, पिछले दो महीने से मणिपुर में लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं। महिलाओं की तस्वीरें शर्मसार करने वाली आई हैं। महिलाओं का दर्जा हमारे समाज में बहुत ऊंचा है। जवानों का कहना है कि उन्होंने देश की इज्जत बचा ली, लेकिन महिलाओं की इज्जत नहीं बचा सके और वहां सुरक्षा तैनाती भी भारी होने की बात कही जा रही है, लेकिन इतनी तैनाती के बाद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है, अब तक तो राज्य सरकार को डिसमिस कर दिया जाना चाहिए था। वहां के मुख्यमंत्री कहते हैं एक नहीं है ऐसी 100 घटनाएं हो चुकी हैं।

गुढ़ा क्यों निपटाए जा रहे?

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को मंत्री रहते राजेंद्र गुढ़ा की ओर से मणिपुर हिंसा की जगह प्रदेश कांग्रेस सरकार को अपने गिरेबान में झांकने की सलाह देना भारी पड़ गया। उनके इस बयान को तुरंत हाथों हाथ रखते हुए नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पॉइंट ऑफ इंफॉर्मेशन की बात कही और कहा कि एक मंत्री का यह बयान बताता है कि पूरी सरकार का यही मानना है। इससे प्रदेश कांग्रेस सरकार विधानसभा में भी बैकफुट पर आ गई। इस घटना के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल को मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की बर्खास्तगी के लिए अनुशंसा कर दी और राज्यपाल ने फौरन मंत्री को बर्खास्त करने की अनुशंसा मंजूर कर आदेश जारी कर दिए। अब मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने सोमवार को विधानसभा में फिर कई बातें बोलने की बात कही है।

उन्होंने कहा है कि महिलाओं से रेप में राजस्थान नंबर वन है। युवाओं के रोजगार छिन गए हैं। सरकार की स्थिति ठीक नहीं है। क्योंकि मंत्री राजेंद्र गुढ़ा लगातार प्रदेश कांग्रेस सरकार को बैकफुट पर ला रहे हैं। वह खुद भी दो बार बसपा में रहकर चुनाव जीत कर आए, लेकिन कांग्रेस और गहलोत से मिलकर मंत्री पद पा गए। अब फिर से विधानसभा चुनाव नजदीक आने पर राजेंद्र गुढ़ा कभी एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात कर रहे हैं, तो कभी निर्दलीय चुनाव तैयारी की बात कहते हैं। सीएम अशोक गहलोत के धुर विरोधी रहे सचिन पायलट के खेमे में राजेंद्र गुढ़ा पिछले दिनों चले गए थे। तभी से वह गहलोत सरकार को देश में सबसे ज्यादा भ्रष्ट सरकार बता चुके हैं। हाल ही में सीता माता को लेकर भी उन्होंने विवादित बयान दिया था।

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