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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
– फोटो : फाइल
विस्तार
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दूसरी तिमाही के अपने राज्सव में गिरावट दर्ज की है। कंपनी ने जून 2023 को समाप्त तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 11 प्रतिशत की गिरावट 16,011 करोड़ रुपये दर्ज की है। वहीं, समेकित राजस्व सालाना आधार पर 5.3 प्रतिशत के घटकर 2.11 लाख करोड़ रुपये रह गया। बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के तहत नौ रुपये प्रति शेयर के लाभांश भुगतान की सिफारिश की है।
रिलायंस रिटेल में फायदा
रिलायंस कंपनी के राजस्व में गिरावट मुख्य कारण तेल से रसायन व्यवसाय रहा। तेल से रसायन वाले व्यवसाय के खराब प्रदर्शन के कारण कंपनी का राजस्व 18 प्रतिशत से गिरकर 1.33 लाख करोड़ रुपये रह गया। खुदरा व्यापार का समेकित राजस्व 20% सालाना बढ़कर 69,962 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, डिजिटल सेवाओं का राजस्व लगभग 13% की बढ़त के साथ 32,077 करोड़ रुपये रह गया। रिलायंस रिटेल आरआईएल की टॉपलाइन में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। रिलायंस रिटेल ने भी जून तिमाही में बढ़त दर्ज की है। कंपनी के अच्छे राजस्व में किराना, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और जीवनशैली का योगदान रहा।
पेटीएम को मिला फायदा
वहीं, भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम ने जून तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी ने जून में मजबूत आय की घोषणा की। पेटीएम का भुगतान राजस्व सालाना आधार पर 31 फीसदी बढ़कर 1,414 करोड़ रुपये हो गया है। जून तिमाही में कंपनी का मर्चेंट पेमेंट वॉल्यूम सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 4.05 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी अपने व्यापारियों को मार्केटिंग सेवाएं प्रदान करके अपने वाणिज्य और क्लाउड सेगमेंट में पेटीएम ऐप ट्रैफिक का मुद्रीकरण करना जारी रखती है।
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