Home Breaking News केंद्रीय राज्यमंत्री बोले: यूपी के बिजली विभाग के अधिकारी फोन तो उठाते नहीं हैं, 24 घंटे बिजली कैसे देंगे

केंद्रीय राज्यमंत्री बोले: यूपी के बिजली विभाग के अधिकारी फोन तो उठाते नहीं हैं, 24 घंटे बिजली कैसे देंगे

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केंद्रीय राज्यमंत्री बोले: यूपी के बिजली विभाग के अधिकारी फोन तो उठाते नहीं हैं,  24 घंटे बिजली कैसे देंगे

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Minister Kaushal Kishore said that officials of the electricity department do not pick up the phone.

सांसद कौशल किशोर
– फोटो : amar ujala

विस्तार


लेसा के अधिकारी 24 घंटे बिजली देने का दावा करते हैं। जबकि हकीकत ये है कि लेसा और मध्यांचल के अधिकारी जनप्रतिनिधियों के भी फोन नहीं उठाते हैं। शनिवार को जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की विकास भवन में हुई बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री आवास कौशल किशोर के सामने जनप्रतिनिधियों ने ये मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब फोन ही नहीं उठेगा तो शिकायत का निस्तारण कैसे होगा?

माल सीएचसी की बिजली कटे होने की शिकायत भी हुई। इस पर सांसद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बिजली अधिकारियों के लापरवाह रवैये की शिकायत करने की बात कही। वहीं विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता पर निस्तारण के लिए कहा गया है। बैठक में तय हुआ कि नगर निगम सीमा में शामिल हुए 88 गांवों में भी अब प्रधानमंत्री आवास बनाए जाएंगे। यहां रैपिड सर्वे करा प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना का लाभ भी लोगों को दिया जाएगा। बताया गया कि सेफ सिटी प्रोजेक्ट से पूरे शहर में 1000 और कैमरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही 4000 प्राइवेट कैमरों को भी सेफ सिटी कंट्रोल रूम में इंटीग्रेट किया जा रहा है। इससे पूरे शहर की मॉनिटरिंग सेफ सिटी कंट्रोल रूम के द्वारा की जा सकेगी।

विधायक बीकेटी योगेश शुक्ला ने शिकायत की कि सौभाग्य योजना में बिजली कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। किसानों के ट्यूबवेल के विद्युत बिल माफी का फायदा नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने लेसा के अधिकारियों को जांच के लिए कहा है। बिना सक्षम स्तर आदेश के बिजली मीटर भी नहीं उखाड़े जाएंगे। बांस बल्ली पर कोई कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। विभूतिखंड में सीवर लाइन में बिजली लाइन लेसा ने डाल दी है। इसे हटवाने के लिए डीएम ने लेसा को कहा है।

बैठक में यह भी मुद्दा उठा कि एलडीए के अधिकारी व इंजीनियर अवैध निर्माण के नाम पर नोटिस जारी करते हैं। असल में इसके पीछे उद्देश्य सिर्फ अवैध वसूली होता है। जहां से वसूली हो जाती है, उन निर्माण के खिलाफ नोटिस से आगे की कार्रवाई ही नहीं होती। सांसद ने डीएम सूर्यपाल गंगवार को इसकी जांच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए कहा है। बैठक में विधायक योगेश शुक्ला, जय देवी, अमरेश कुमार, एमएलसी मुकेश शर्मा, अवनीश कुमार, लालजी निर्मल, सीडीओ रिया केजरीवाल, नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह, सीएमओ मनोज अग्रवाल मौजूद रहे।

आरटीई में प्रवेश तो अलग बैठ रहे छात्रसांसद को एक जनप्रतिनिधि ने बताया कि बड़े निजी स्कूलों में आरटीई के नाम पर बच्चों को हीनभावना का शिकार बनाया जा रहा है। यहां शासन, प्रशासन के दबाव में प्रवेश तो दे दिए गए। इसके उलट बच्चों को सामान्य रूप से प्रवेश पाने वाले बच्चों से अलग बैठाया जाता है। इससे उनमें हीनभावना पैदा होती है। बीएसए से जब इसके लिए पूछा गया तो उनका कहना था कि उनके पास कार्रवाई का कोई अधिकार नहीं है। अब डीएम को ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

नियम कायदे नहीं लोगों की भलाई जरूरी

सांसद कौशल किशोर का कहना है कि अधिकारी लोगों के कामों को नियम-कायदों के नाम पर न टालें। लोगों की भलाई प्राथमिकता पर होनी चाहिए। विकास के कामों को समय सीमा में पूरा कराएं। वृद्धावस्था व विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायत पर सांसद ने कहा कि समाज कल्याण विभाग जरूरी आधार सत्यापन कराते हुए पेंशन मिलना सुनिश्चित कराए।

बिना नंबर दौड़ रहीं नगर निगम की गाड़ियां

दिशा की बैठक में मुद्दा उठा कि करीब 203 गाड़ियां बिना पंजीकरण के लखनऊ में नगर निगम उपयोग कर रहा है। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि 698 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है। पुराने वाहनों में जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनके रजिस्ट्रेशन के लिए भी आरटीओ को पत्र भेज दिया गया है। नगर निगम के चार जोनो में 1-1 वर्कशाप की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। भविष्य में नगर निगम के वाहनों का समय से मेंटीनेंस किया जा सकेगा। पूरे शहर में सफाई व्यवस्था ठीक कराने के लिए भी प्रयासों की जानकारी दिशा को नगर आयुक्त ने दी।

कुकरैल पर नालों को टैप कर रहे

नगर आयुक्त ने बताया कि कुकरैल नदी के संरक्षण के लिए 51 नालों को टैप करने की योजना पर काम चालू किया गया है। अभी तक 17 नालों से गंदा पानी गिरना बंद हो चुका है। 22 नालों को टैप करने के लिए बजट प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। बजट स्वीकृति मिलते ही इसके लिए भी काम शुरू करा दिया जाएगा।

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