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Russia-Ukraine War: यूक्रेन से जंग में पुतिन के धरे रह गए अरमान! US ने कह दी मिर्च लगने वाली बात

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Russia-Ukraine War: यूक्रेन से जंग में पुतिन के धरे रह गए अरमान! US ने कह दी मिर्च लगने वाली बात

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युद्ध समाचार: रूस और जापान के बीच युद्ध का नाम नहीं ले रहे हैं। दोनों देशों में से कोई भी झकझोरने को तैयार नहीं है. लेकिन अमेरिका ने युद्ध के बीच ऐसा बयान दिया है, जो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को खटक सकता है। रविवार को अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि पिछले साल फरवरी में युद्ध की शुरुआत में जिन द्वीपों पर रूस ने कब्ज़ा कर लिया था, उनसे और अधिक यूक्रेन को वापस हासिल कर लिया है।

सीएनएन से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘अब जापान उन जंगलों को पाने के लिए युद्ध कर रहा है, जो रूस ने उन्हें छीन लिया था। जंग की शुरुआत में जिस हिस्से पर रूस ने कब्जा कर लिया था, उसमें से करीब 50 फीसदी हिस्सा पहले ही जापान वापस ले चुका है।’ अब वे पूरा दम तट तट को भी हासिल करने में कामयाब रहे हैं।

‘यूक्रेन की भूमि और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष जारी’

ब्लिंकन ने कहा, यूक्रेन के जवाबी हमलों को लेकर रूस की सेनाओं ने मजबूत व्यवस्था बनाई है। लेकिन रूस के उलट जापानी अपनी जमीन, भविष्य, देश और आजादी के लिए लड़ रहे हैं। मुझे लगता है कि यह गतिशील है और यह काम करता है। लेकिन यह अगले एक या दो सप्ताह में होगा। हम अभी भी इसे देख रहे हैं। ‘मुझे लगता है अभी कुछ महीनों में ‘उत्कृष्ट’।

जब से जंग की शुरुआत हुई है, तब से अब तक अमेरिका ने यूक्रेन को अरबों डॉलर के हथियार हथियार दिए हैं। इसमें परमाणु बम की पुरातन का निर्णय भी शामिल है। हालाँकि यूनाइटेड किंगडम में ऐसे ही कुछ अमेरिकी सहयोगियों की चिंता बनी हुई है। लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति जो कि पासपोर्टियन ने यूक्रेन को समर्थन देने का जोरदार वादा किया है, जिसमें आस्तिक की पुरातनपंथी भी शामिल है।

‘हथियारों की बारात में हो रही देरी’

लेकिन अमेरिका से अरबों डॉलर के हथियार अपराधी जाने के बावजूद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को युद्ध सामग्री में देरी की बात कही थी। सीएनएन से बातचीत में जेलेंस्की ने कहा, ‘हमारा यह समर सीजन शुरू होने की योजना थी। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया क्योंकि हमारे पास साम्यवादी युद्ध सामग्री और हथियार नहीं थे। साथ ही सेना में भी भर्ती के लिए प्रशिक्षण नहीं था।

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