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स्पेन आम चुनाव: स्पेन में रविवार को घोषित चुनावी नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण देश में राजनीतिक गतिरोध की ओर भारी नजरें बनी हुई हैं। चुनाव में रूढ़िवादी धार्मिक पार्टी (पीपी) को सर्वोच्च मत मिले, लेकिन बड़ी जीत हासिल करने और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को सत्ता से जोड़ने के लिए मजबूर करने की उनकी सहमति पूरी नहीं हो सकी। इसके बजाय, प्रतिस्पर्धी अल्बर्टो नुनेज़ फ़िज़ू की अवज्ञा वाली पार्टी पिलपिल ने प्रतिस्पर्धा से ख़राब प्रदर्शन किया।
खैर ही सांचेज की ‘स्पेनिश सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी’ चुनाव में दूसरे स्थान पर रही, लेकिन उन्हें और उनके सहयोगियों को खुशी की ताकत मिली, क्योंकि उनका गठबंधन पीडीपी और दक्षिणपंथियों से ज्यादा मत मिला। जिस गठबंधन के सांचेज को समर्थन की संभावना है, उसके पास कुल 172 सीटें हैं, जबकि फिज़ू समर्थक गठबंधन को 170 सीटों का फायदा है।
‘पापुलर पार्टी सरकार बनी बेकार‘
राजनीतिक संतुलन वेरोनिका फुमानल ने कहा कि पार्टी की जीत के बावजूद भी सरकार बेकार है और अब वह दक्षिणपंथियों के पास जाएगी, लेकिन तब भी उनकी स्थिरता में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा, ”मुझे संसद में गतिरोध की स्थिति नजर आ रही है।”
सांचेज को पर्याप्त संख्या में सीट हासिल करने के लिए ‘जंट्स (तुगेदर)’ पार्टी का समर्थन अहम होगा। ‘जंट्स (तुगेदर)’ के नेता मिरियम नोगुएरास ने कहा, ”हम बिना कुछ लाभ मिले पेड्रो सांचेज को प्रधानमंत्री नहीं कहेंगे।”
समाजवादी पार्टी को अंतिम नामांकन पर जीत मिल सकती है
कुल 98 प्रतिशत मोटरसाइकिलों की गिनती के बाद पीपी को 136 और सोशलिस्ट पार्टी को 122 सीटों पर जीत मिलती दिख रही है।
सांचेज ने मैड्रिड में अपनी पार्टी के मुख्यालय में एक साथ भीड़ से कहा, ‘स्पेन और मतदान करने वाले सभी नागरिकों ने अपना रुझान स्पष्ट कर दिया है।’ पीछे की ओर देखने वाला गुट, जो हमारे सभी काम पर पानी फेरना चाहता था, विफल हो गया है।’
(इनपुट- न्यूज एजेंसी- भाषा)
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