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चंद्रमा पर झंडे: पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा ने मानव को सदैव से ही संरक्षित रखा है। प्राचीन काल से ही चंद्रमा पृथ्वीवासियों के किस्से-कहानियों का हिस्सा रहा है। कई कलाकृतियों में देवी-देवताओं का स्थान दिया गया है। लेकिन चंद्रमा के रहस्यों से पर्दा उठने की शुरुआत पिछली सदी में हुई जब विज्ञान इस तक पहुंच पाने में असमर्थ हो गया। चंद्रमा का अध्ययन करने के लिए कई अंतरिक्ष मिशन अब तक जा चुके हैं।
सोवियत संघ का लूना 2 चंद्रमा की सतह पर पहला अंतरिक्ष यान था। इसी के साथ यह किसी अन्य खगोलीय पिंड के साथ संपर्क बनाने वाली पहली मानव निर्मित वस्तु थी।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक ऐसा देश बनाया है जिसने मून पर मानवयुक्त मिशन का संचालन किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका का अपोलो 11, 20 जुलाई 1969 को मून पर उतरने वाला पहला मानव मिशन था और नील आर्मस्ट्रांग मून की सतह पर चलने वाले पहले मानव बने। कई अन्य देशों ने भी फॉक्स मून मिशन को अंजाम दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चंद्रमा की सतह पर अब तक कितने राष्ट्र का झंडा फहराया जा चुका है। आज हम आपको इसी तरह के बारे में बताएंगे।
सोवियत संघ
सोवियत संघ का लूना 2 चांद की सतह पर पहला अंतरिक्ष यान था। यह अपने साथ सोवियत संघ का झंडा भी लेकर आया था।
अमेरिका
अपोलो 11, 20 जुलाई 1969 को चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला पहला मानवयुक्त मिशन था। नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा की सतह पर चलने वाले पहले इंसान बने। उनके दोस्त बज़ एल्ड्रिन ने भी चांद पर कदम रखा। इसी दिन चांद की सतह पर पहली बार किसी देश का झंडा फहराया गया। इसके बाद 5 बार और अमेरिकी झंडों पर चांद लगाए गए।
चीनी
चीन के चंद्रमा प्रक्षेपण मिशन चांग’ई 3 के माध्यम से 2013 में चंद्रमा की सतह पर चीन का राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था। इसके बाद 2019 में चांग’ई 4 के जरिए चीन का राष्ट्रीय ध्वज चंद्रमा पर उतारा गया।
भारत
15 नवंबर 2008 को भारत ने चंद्रयान-1 मिशन के तहत अपना पहला ध्वज चंद्रमा पर स्थापित किया था। भारत अब तक चार झंडे चंद्रमा की सतह पर ले जा चुका है।
इजराइल
2019 में इजराइल ने अपना पहला अंतरिक्षयान भेजा था। इज़राइल के झंडे के साथ एक जहाज़ की सतह पर एक जहाज़ का जहाज़ था।
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