[ad_1]

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर मुद्दे पर संसद में गतिरोध को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि हम प्रधानमंत्री से संसद में आने और बोलने का आग्रह कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी। हम इस देश के लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम इसके लिए हर कीमत चुकाएंगे…लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद हम जानते हैं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पक्षों के आचरण के रिकॉर्ड इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि आपको ध्यान होगा कि मणिपुर में तीन मई के बाद की स्थिति पर ‘इंडिया’ (INDIA) के घटक दलों की लगातार मांग रही है कि प्रधानमंत्री सदन के पटल पर पहले अपना बयान दें, जिसके बाद दोनों सदनों में इस विषय पर विस्तृत बहस और चर्चा की जाए। जिस तरह की गंभीर स्थिति पिछले 84 दिनों से मणिपुर में व्याप्त है और जिस तरह की घटनाएं एक-एक कर सामने आ रही हैं, हम सभी राजनीतिक दलों से यह अपेक्षित है कि हम यहां पर तत्काल शांति बहाली के लिए एवं जनता को संदेश देने के लिए देश के सर्वोच्च सदन में कम से कम इतना तो करेंगे। हम सामूहिक रूप से यही मांग कर रहे हैं।
छोटी घटनाओं को तिल का ताड़ बनाकर माननीय सदस्यों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। ऐसा तब, जबकि नियम इस विषय में यह है कि किसी सदस्य का निलंबन उसी घटना के लिए एक सत्र से अधिक जारी नही रह सकता।
[ad_2]
Source link