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उत्तर प्रदेश की राजनीति की पृष्ठभूमि पर बनी अभिनेता जिमी शेरगिल की नई वेब सीरीज ‘चूना’ की रिलीज डेट आगे खिसक गई है। आमतौर पर बोलचाल की भाषा में चूना लगाने को धोखा देना या फिर बेमानी करना माना जाता है, हालांकि ये वेब सीरीज 600 करोड़ रुपये की डकैती पर आधारित प्रतीत होती है। सीरीज में अभिनेता जिमी शेरगिल उत्तर प्रदेश के एक नेता शुक्ला का किरदार निभा रहे हैं जो अपना हर कदम सितारों की ग्रह चाल देखकर ही उठाता है।
वेब सीरीज ‘चूना’ में जिमी शेरगिल एक ऐसे पॉलिटिशियन शुक्ला की भूमिका निभा रहे हैं। जो खुद को उत्तर प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री मानता है। बिना शुभ मुहूर्त देखे कोई काम नहीं करता। एस्ट्रोलॉजी, वास्तु शास्त्र में उसकी घोर आस्था है। शुक्ला का मानना है कि जीवन में जो भी घटित होता है, वह ग्रहों के प्रभाव से होता है। इस सीरीज के प्रिव्यू पर मिले जिमी शेरगिल के मुताबिक, ‘इस तरह का दबंग किरदार वैसे तो मैं ‘साहब बीवी और गैंगस्टर’ में निभा चुका हूं सो जब इस सीरीज का ऑफर आया तो मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि इस किरदार में नयापन क्या लाया जाए। इस सीरीज की कहानी नॉर्मल है, लेकिन इसके कहने का तरीका काफी अलग है। एक गंभीर मुद्दे को हास्य के साथ पेश किया गया है।’
अभिनेता जिमी शेरगिल इस सीरीज में एक अंधविश्वासी पॉलिटिशियन शुक्ला की भूमिका निभा रहे हैं। कोई भी काम करने से पहले वह पंडित को बुलाकर शुभ मुहूर्त निकलवाता है। अगर ग्रह अनुकूल नहीं है तो उन ग्रहों को अनुकूल कैसे बनाया जाए, इसका समाधान अपने ज्योतिषियों से पूछता है। इसके दसों अंगुलियों ने रत्न जनित अंगूठियां हैं। जो ग्रहों की दशा के हिसाब से पहने हुए है। यह पूछे जाने पर कि जिमी शेरगिल खुद एस्ट्रोलॉजी में कितना विश्वास करते हैं। वह कहते हैं, ‘मनुष्य के जीवन में ग्रहों का प्रभाव तो पड़ता ही है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता, लेकिन कर्म करना भी बहुत जरूरी है, तभी ग्रह भी आपका साथ देंगे।’ वेब सीरीज ‘चूना’ पहले के तय कार्यक्रम के मुताबिक 3 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसकी रिलीज डेट आगे खिसका दी गई है।
अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी को लेकर ‘धूमकेतु’ जैसी फिल्म बना चुके निर्देशक पुष्पेंद्र नाथ मिश्रा वेब सीरीज ‘चूना’ से पहले नेटफ्लिक्स के लिए ‘ताजमहल 1989’ निर्माण कर चुके हैं। वेब सीरीज ‘चूना’ के बारे में वह कहते हैं, ‘चाहे राजनीतिक पार्टी का विलेन हो या फिर फिल्मों का, वह अपना दुर्भाग्य खुद ही बनाता है। इसलिए उसका पतन होता है। एस्ट्रोलॉजी कितना काम करता है, यह अलग बात है। लेकिन, इंसान को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है। एक ताकतवर आदमी अपने से कमजोर लोगों पर ध्यान नहीं देता है। लेकिन वह भूल जाता है कि कैसे कमजोर आदमी मिलकर एक ताकतवर आदमी को गिरा देते हैं। इस सीरीज की पूरी कहानी इसी के इर्द गिर्द घूमती है।’
वेब सीरीज ‘चूना’ आठ एपिसोड की कहानी है। निर्देशक पुष्पेंद्र नाथ मिश्रा कहते हैं, ‘कहानी हमने ऐसे मोड़ पर छोड़ी है, जहां से इसके दूसरे सीजन के बनने की गुंजाइश है। लेकिन, यह दर्शकों पर निर्भर करता है। अगर दर्शकों को यह सीरीज पसंद आई, तो इसके अगले सीजन की प्लानिंग करेंगे। इस सीरीज की ज्यादातर शूटिंग हमने लखनऊ में की है और इसमें बोलचाल की भाषा भी वहीं की रखी है। लखनऊ की बोलचाल की भाषा में एक ह्यूमर का माहौल होता है, वहां के लोग सीधे तरीके से बात नहीं करते हैं। गंभीर से गंभीर बात ऐसे बोल जाते हैं कि हंसी आ जाती है।’
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