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इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ
– फोटो : विकीपीडिया
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चंद्रयान-3 भारत का सबसे महत्वाकांक्षी मिशनों में एक है। जैसी उम्मीद जताई जा रही थी अब वैसे ही परिणाम इस मिशन में देखने को मिले हैं। इसको लेकर इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने मंगलवार को कहा कि भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 का लैंडर विक्रम 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सक्षम होगा, भले ही उसके सभी सेंसर और दो इंजन काम करना बंद कर दें।
विफलताओं को संभालने में सक्षम है लैंडर
वह एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे, इस दौरान सोमनाथ ने बताया कि लैंडर विक्रम इस तरह से डिजाइन किया गया है जो यह विफलताओं को संभालने में सक्षम होगा। आगे बोले कि अगर सब कुछ विफल हो जाता है, अगर सभी सेंसर विफल हो जाते हैं, कुछ भी काम नहीं करता है, तब भी विक्रम लैंडिंग करेगा। इसे इसी तरह डिजाइन किया गया है – बशर्ते प्रणोदन प्रणाली अच्छी तरह से काम करे।
सोमनाथ ने कि 100 किमी तक हम कोई कठिनाई नहीं देख रहे हैं। समस्या केवल पृथ्वी से लैंडर की स्थिति का अनुमान लगाने में है। यह माप एक बहुत महत्वपूर्ण माप है, हम इसे कक्षा निर्धारण प्रक्रिया कह सकते हैं। यदि यह सही है तो शेष प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आगे बोले कि हम इस बार इसे बहुत सही तरीके से नीचे उतारने में सक्षम हैं।
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