Home World Poland News: युद्ध की आहट के बीच यूक्रेन के इस पड़ोसी देश में बजी चुनावों की रणभेरी, 15 अक्टूबर को डाले जाएंगे संसदीय चुनावों के वोट

Poland News: युद्ध की आहट के बीच यूक्रेन के इस पड़ोसी देश में बजी चुनावों की रणभेरी, 15 अक्टूबर को डाले जाएंगे संसदीय चुनावों के वोट

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Poland News: युद्ध की आहट के बीच यूक्रेन के इस पड़ोसी देश में बजी चुनावों की रणभेरी, 15 अक्टूबर को डाले जाएंगे संसदीय चुनावों के वोट

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Poland General Election 2023: रूस- यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच अब पोलैंड में भी युद्ध का नया मोर्चा खुलने की आशंका बढ़ती जा रही हैं. पोलैंड और बेलारूस के बॉर्डर आपस में मिलते है, जहां पर पिछले दिनों प्राइवेट आर्मी ग्रुप वैगनर के लड़ाके देखे गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन को सैन्य समर्थन से गुस्साया रूस वैगनर के जरिए पोलैंड को सबक सिखा सकता है. आने वाले खतरे को देखते हुए पोलैंड ने बॉर्डर पर सुरक्षा मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. 

पोलैंड में चुनावों की रणभेरी

इसी बीच पोलैंड में नए आम चुनावों (Poland General Election 2023) की रणभेरी भी बज गई है. पोलैंड के राष्ट्रपति ने मंगलवार को घोषणा की कि देश में 15 अक्टूबर को संसदीय चुनाव किए जाएंगे. राष्ट्रपति की इस घोषणा के साथ ही देश में चुनावी अभियान की आधिकारिक शुरुआत हो गई. हालांकि इस ऑफशियल अनाउंसमेंट से पहले ही सभी दल पिछले कई महीनों से अनौपचारिक रूप से इसकी तैयारियों में जुटे हुए थे. 

इस दिन डाले जाएंगे वोट

पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि संसद (Poland General Election 2023) के 460 सीटों वाले निचले सदन, सेजम और 100 सीटों वाली सीनेट दोनों के लिए चुनाव 15 अक्टूबर को होंगे. ये चुनावी अभियान बेलारूस में नाटो राष्ट्र की पूर्वोत्तर सीमा पर रूस से जुड़े वैगनर भाड़े के सैनिकों की उपस्थिति पर पोलैंड में बढ़ती चिंताओं के बीच शुरू होगा. 

वैगनर लड़ाकों से डरा पोलैंड

ये भाड़े के सैनिक जून में रूस (Russia Ukraine War Latest News) में अल्पकालिक विद्रोह के बाद हजारों की संख्या में पहुंचे हैं. अनाज आयात और पिछले जातीय संघर्षों की ऐतिहासिक यादों को लेकर देश के दक्षिण-पूर्व में सहयोगी यूक्रेन के साथ भी तनाव बढ़ रहा है. पोलैंड नाटो का सदस्य देश है, इसलिए रूस उस पर सीधा हमला नहीं कर सकता. उस पर सीधे हमले का मतलब नाटो से जुड़े सभी 31 देशों से युद्ध मोल लेना होगा. वहीं वैगनर लड़ाकों के जरिए हमला करने पर रूस इसकी जिम्मेदारी से बच जाएगा. 

(एजेंसी भाषा)

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