Home Breaking News जानना जरूरी: अगर डूब गया बैंक तो आपके खाते से मिलेंगे आपको इतने पैसे, जानें क्या है नियम

जानना जरूरी: अगर डूब गया बैंक तो आपके खाते से मिलेंगे आपको इतने पैसे, जानें क्या है नियम

0
जानना जरूरी: अगर डूब गया बैंक तो आपके खाते से मिलेंगे आपको इतने पैसे, जानें क्या है नियम

[ad_1]


Bank Rules and Regulations: अगर आप देखेंगे तो आज के समय में लगभग हर किसी का अपना बैंक खाता है। यहां तक कि एक घर में माता-पिता के अलावा अब बच्चों के भी अपने बैंक खाते होते हैं। इन बैंक खातों में लोग अपनी मेहनत की कमाई को रखते हैं और बैंक इस जमा पैसे पर ब्याज देता है। वहीं, जब बैंक में पैसा जमा रहता है तो लोग चिंता मुक्त रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि अगर कभी बैंक किसी कारण दिवालिया हो जाए या बंद हो जाए, तो फिर आपके पैसे का क्या होगा? आपको कितना पैसा मिलेगा? जाहिर है ये सब सवाल आपके मन में उस वक्त आ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि बैंक के डूबने पर खाताधारक को उसके खाते में जमा राशि का कितना पैसा मिलता है। इस बारे में आप अगली स्लाइड्स में जान सकते हैं…



बैंक के डूबने या दिवालिया होने के कारण

  • बैंक जिन स्थितियों में दिवालिया होता है उनमें सबसे महत्वपूर्ण स्थिति है कर्ज का वापस न मिलना। दरअसल, जब कोई बैंक लोगों को कर्ज देता है और अगर वो कर्ज बढ़ता चला जाता है और पैसा वापस नहीं आता है, तो फिर बैंक घाटे में चला जाता है और बैंक के बंद होने तक की स्थिति भी आ सकती है।


बैंक डूबने पर कितना पैसा?

  • आपका जिस बैंक में खाता है, अगर किसी कारण वो बंद हो जाता है या डूब जाता है तो इस स्थिति में आपको नियमों के तहत 5 लाख रुपये ही मिलते हैं। फिर चाहे आपके बैंक खाते में इससे ज्यादा अमाउंट जमा हो।


सरकार डूबने से बचाती है बैंकों को

  • वैसे सरकार के होते हुए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सरकार डूबने वाले बैंकों को बचा लेती है। वो उस बैंक को किसी अन्य बैंक के साथ विलय कर देती है, जिससे लोगों की मेहनत की कमाई डूबने से बच जाती है।


आरबीआई भी रखता है नजर

  • इस बात में कोई दो राय नहीं कि आरबीआई हर बैंक के कर्ज और लेन देन पर पैनी नजर रखता है। ऐसे में किसी भी बैंक के डूबने से पहले ही वो कोई कठोर निर्णय लेकर आम लोगों की कमाई को सुरक्षित करता है। इसके अलावा बैंक अगर डूबने वाला होता है, तो डीआईसीजीसी लोगों को उनके पैसे देने की जिम्मेदारी लेती है। वहीं, इसके बदले में ये बैंकों से प्रीमियम लेता है।


[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here