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बीते कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश ने एक बहुत बड़े खतरे की ओर बड़ा कदम बढ़ा दिया है। यह खतरा हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों पर बसे बड़े शहरों के नीचे की मिट्टी में आई नमी की वजह से बना है। मौसम विभाग के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश से यहां के पहाड़ों के भीतर की मिट्टी में इतनी नमी आ गई है। इससे लैंडस्लाइड, मड स्लाइड समेत बड़े-बड़े पेड़ों वाले जंगलों के नीचे की मिट्टी खिसक रही है।
वैज्ञानिकों को अब इस बात का डर सता रहा है कि चार जुलाई से हो रही तेज बारिश और नमी का असर अगले कुछ महीनो में पहाड़ों पर बसे शहरों के खिसकने के तौर पर भी सामने आ सकता है। इन शहरों में हिमाचल प्रदेश की राजधानी समेत कई बड़े जिले भी शामिल हैं। फिलहाल हिमाचल प्रदेश का मौसम विभाग केंद्रीय जांच एजेंसियों से पहाड़ों की इन नमी का आकलन करवाने की बात कही है, ताकि पता चल सके कि हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के भीतर नमी कितनी है और कितने पहाड़ अब सुरक्षित बचे हैं।
हिमाचल के पहाड़ों के भीतर की मिट्टी में आ गई है नमी
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल कहते हैं कि बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही पहाड़ों की बारिश से हिमाचल प्रदेश पर खतरे का साया मंडरा रहा है। वह बताते हैं कि लगातार बारिश की वजह से पहाड़ों की मिट्टी में नमी बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इस बढ़ी हुई नमी के चलते पहाड़ों पर स्थापित इंफ्रास्ट्रक्चर को सबसे बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
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