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कांग्रेस ने बनाई रणनीति।
– फोटो : Amar Ujala
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिल्ली आना। कांग्रेस के प्रमुख नेताओं का देश की राजधानी दिल्ली के लिए अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए बैठक करना। पार्टी की नेता की ओर से दिल्ली की सातों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी का बयान देना। फिर इन सबके बीच नीतीश कुमार का अरविंद केजरीवाल से मिलने का सिलसिला शुरू होने की कवायद होना। सियासी गलियारों में इन सब की कड़ियां एक दूसरे से जुड़ती हुई देखी जा रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि दिल्ली में एक तरह से सुषुप्तावस्था में पड़ी कांग्रेस ने सातों सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी के साथ आम आदमी पार्टी को खुले आम चुनौती दे दी है कि दिल्ली में उनकी दावेदारी सातों सीटों पर होने जा रही है। साथ ही साथ पार्टी ने गठबंधन में शामिल उन सभी दलों को भी यह संदेश दिया है कि उनकी पार्टी को पुरानी परिस्थितियों को देखते हुए कोई भी राजनीतिक दल किसी अन्य राज्य में भी कम सीट देने की बात न करे।
कांग्रेस पार्टी की ओर से बुधवार को दिल्ली में अपने कार्यकर्ताओं को मजबूती से लोकसभा चुनावों में लड़ने और संगठन को मजबूत करने के लिए बड़ी बैठक का आयोजन किया गया। दिल्ली में बुधवार को जब यह बैठक शुरू हुई तो सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की होने लगी कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में दिल्ली में अपनी मजबूत स्थिति की तैयारियों का जायजा लेने लेने और मजबूती से लोकसभा चुनाव की तैयारी करने के निर्देश के साथ आम आदमी पार्टी को सभी सातों सीटों पर न लड़ने देने के लिए बड़ा दांव चल दिया है।
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