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उमर अब्दुल्ला
– फोटो : एजेंसी
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर कहा कि अभी लड़ाई जारी है। यह एक लंबी प्रक्रिया है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इंसाफ जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के मामले में पूरी कोशिश की गई। बढ़िया वकील किए गए और उन्होंने अदालत में अपने तर्कों को बड़ी मजबूती के साथ रखा है। इस बात की उम्मीद है कि न्यायाधीश उनके तर्कों से आश्वस्त होंगे।
उमर ने कहा कि पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने के लिए कपिल सिब्बल और गोपाल सुब्रमण्यम को नियुक्त करने से बेहतर कुछ नहीं कर सकती थी। हमने सर्वश्रेष्ठ वकीलों को नियुक्त किया। कपिल सिब्बल और गोपाल सुब्रमण्यम देश के शीर्ष पांच वकीलों में से दो हैं। जीत या हार भगवान के हाथ में है। एक इंसान केवल कोशिश कर सकता है और हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। अब हमें सफलता देने के लिए भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए।
‘नहीं जानता ऐसा कह पर वह किसे खुश करना चाहते हैं’
वहीं, डीपीएपी प्रमुख गुलाम नबी आजाद के मुसलमान ज्यादातर हिंदू धर्म से धर्मांतरित वाले बयान के बारे में पूछे जाने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि उन्होंने यह किस संदर्भ में कहा है। ऐसा कहकर वह किसे खुश करना चाहते हैं।’
जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा एनसी संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का नाम श्रीनगर स्थित कन्वेंशन सेंटर समेत सरकारी इमारतों से हटाने के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि उनका नाम कोई नहीं मिटा सकता। लोगों के दिलों में उनका नाम है।
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कल दूसरी सरकार आएगी तो नाम भी वापस आएंगे
उन्होंने कहा, ‘आप (सरकार) इमारतों से उनका नाम हटा सकते हैं, लेकिन (लोगों के) दिलों से नहीं। यदि आप एसकेआईसीसी या क्रिकेट स्टेडियम या अस्पतालों से शेर-ए-कश्मीर का नाम हटा देते हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आप सच्चाई को छिपा नहीं सकते।’ आप नाम हटा दें, लेकिन कल दूसरी सरकार आएगी, वह इसे वापस ले आएगी। लेकिन याद रखें, शेर-ए-कश्मीर का नाम नहीं मिटेगा। जो लोग उसका नाम हटा रहे हैं, उन्हें कोई याद नहीं रखेगा।’
जेकेएसएसआरबी द्वारा विज्ञापित विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक अन्य एजेंसी टीसीएस को लाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार भर्तियां पूरी करने में विफल रही है।
टीसीएस लाने की कोई जरूरत नहीं थी। जेकेएसएसआरबी को मजबूत बनाया जाना चाहिए। इसमें सही लोगों को लाया जाना चाहिए। जब ऐसा किया जाएगा तो प्रक्रिया सही हो जाएगी।
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