Home Breaking News Manipur: कुकी-मैतेई हिंसा में ‘हैड हंटर’ की जबरन एंट्री कराने की कोशिश, घातक साबित हो सकता है ये ‘थर्ड’ फ्रंट

Manipur: कुकी-मैतेई हिंसा में ‘हैड हंटर’ की जबरन एंट्री कराने की कोशिश, घातक साबित हो सकता है ये ‘थर्ड’ फ्रंट

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Manipur: कुकी-मैतेई हिंसा में ‘हैड हंटर’ की जबरन एंट्री कराने की कोशिश, घातक साबित हो सकता है ये ‘थर्ड’ फ्रंट

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Manipur: Attempt to force entry of 'head hunter' in Kuki-Meitei violence, this 'third' front may prove fatal

मणिपुर हिंसा
– फोटो : PTI

विस्तार


मणिपुर में तीन मई से जारी हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है। लगभग 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है तो वहीं 60 हजार से अधिक लोगों ने दूसरे स्थानों पर शरण ली है। अभी तक यह संघर्ष मैतेई और कूकी समुदाय के लोगों के बीच में है। अब इसमें जबरन हैड हंटर यानी ‘नगाओं’ की एंट्री कराने की कोशिश हो रही है। सुरक्षा बलों के एक अधिकारी के मुताबिक, मणिपुर में नगा बाहुल्य क्षेत्रों के निकट ऐसी वारदात करने के प्रयास हुए हैं कि जिससे ‘नगा’ समुदाय भी थर्ड फ्रंट के तौर पर हिंसा में कूद पड़े। कुछ ऐसे प्रयास भी हो रहे हैं कि जिससे ‘कूकी और नगा’ समुदाय के बीच दूरी बढ़ जाए। एक दिन पहले ही उखरुल जिले के गांव थौवाई कुकी में तीन ग्राम रक्षकों को मार दिया गया। कुकी आदिवासियों का यह गांव, नगा जनजाति के लोगों के नियंत्रण वाले ‘तांगखुल’ से सटा है। इस हमले के पीछे जो साजिश बताई जा रही है वो यह है कि कूकी समुदाय के मन में यह सवाल आए कि ये हमला, नगा की तरफ से तो नहीं हुआ है।

मणिपुर में लूट के 1,250 हथियार बरामद हुए हैं

राज्य में लूटे गए करीब पांच हजार घातक हथियारों में से अभी तक केवल साढ़े 12 सौ हथियार ही बरामद हो सके हैं। इसका मतलब लोगों के पास करीब चार हजार हथियार मौजूद हैं। थौवाई कुकी गांव में हुए हमले में स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। तीन अगस्त को भी बिश्नुपुर जिले के नरसेना में स्थित इंडिया रिजर्व बटालियन ‘आईआरबी’ 2 के हेडक्वार्टर से 500 उपद्रवियों ने 400 से अधिक घातक हथियार लूट लिए थे। उपद्रवियों ने 22000 से अधिक गोलियां भी लूट ली। इनमें एके राइफल, एक्स केलिबर राइफल, घातक राइफल, 5.56 एमएम इनसास राइफल, 5.56 एमएम इनसास एलएमजी, एसएलआर व एमपी-5 कारबाइन सहित दूसरे हथियार शामिल हैं। चुराचांदपुर में एक अनौपचारिक स्वतंत्रता दिवस परेड में लोगों ने अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया था। मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने इस मामले में डीसी और एसपी से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने कहा, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा है कि जब तक लूटे गए छह हजार हथियार बरामद नहीं हो जाते, तब तक मणिपुर में शांति नहीं हो सकती है। उन हथियारों का इस्तेमाल राज्य में आम लोगों के खिलाफ किया जा रहा है। 

‘नगा’ जनजाति के लोगों ने किया है प्रदर्शन… 

मणिपुर में तामेंगलोंग, चंदेल, उखरुल और सेनापति जिले को नगा जनजाति के बाहुल्य वाला क्षेत्र माना जाता है। पिछले दिनों नगा समुदाय के हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया है। दरअसल मणिपुर की मौजूदा परिस्थितियों में नगा समुदाय खुद को असुरक्षित समझने लगा है। जब से वहां पर हिंसा शुरु हुई है, उसी के साथ ही यह खबर फैलती जा रही है कि सरकार पहाड़ के कुछ क्षेत्र में कुकी समुदाय के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था कर सकती है। इसी डर से नगा समुदाय के लोगों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार तक यह संदेश पहुंचाया है कि मणिपुर के पहाड़ी जिलों के लिए जो भी अलग से प्रशासनिक व्यवस्था तैयार हो, मगर उसमें किसी भी तरह से ‘नगा’ समुदाय के हित प्रभावित नहीं होने चाहिएं। केंद्र के साथ नगा समुदाय की जो शांति प्रक्रिया चल रही है, उसकी भावना को ठेस न पहुंचे। दूसरी ओर, हिंसा के बाद कुकी इलाकों में अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग तेज होती जा रही है। हिंसा के बाद वहां पर लोगों में ही नहीं, बल्कि सरकारी विभागों में भी समुदाय के आधार पर रेखा खिंच चुकी है। पुलिस और राजस्व सहित दूसरे महकमों के कर्मचारी आपस में बंट गए हैं। पहाड़ी जिले, जहां पर कूकी और नगा, इन समुदायों का प्रभाव है, वहां पर अब सरकार की पकड़ पहले जैसी नहीं रही।






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