Home Breaking News Old Pension: क्या ‘पुरानी पेंशन’ पर होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल, थमेंगे रेल के पहिए तो कर्मी छोड़ देंगे ‘कलम’

Old Pension: क्या ‘पुरानी पेंशन’ पर होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल, थमेंगे रेल के पहिए तो कर्मी छोड़ देंगे ‘कलम’

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Old Pension: क्या ‘पुरानी पेंशन’ पर होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल, थमेंगे रेल के पहिए तो कर्मी छोड़ देंगे ‘कलम’

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Old pension: Will there be an indefinite strike on 'old pension' in the country, railway will stop

पुरानी पेंशन vs नई पेंशन स्कीम
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठनों ने ‘पुरानी पेंशन’ पर आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 10 अगस्त को लाखों कर्मचारी, पुरानी पेंशन की मांग को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्रित हुए थे। उसके बाद वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से मुलाकात की गई। कर्मचारी संगठनों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिलकर अपना पक्ष रखने का प्रयास किया, लेकिन व्यस्तता के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। केंद्र सरकार ने अभी तक ओपीएस लागू करने के लिए कोई आश्वासन नहीं दिया है।

 

ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) की संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्य और एआईडीईएफ के महासचिव सी.श्रीकुमार ने बताया, सरकार इस मामले पर अड़ियल रवैया अख्तियार कर रही है। पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारी संगठन, राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सकते हैं। इसके लिए 20 और 21 नवंबर को देशभर में स्ट्राइक बैलेट होगा। कर्मचारियों की राय ली जाएगी। अगर बहुमत हड़ताल के पक्ष में होता है तो केंद्र एवं राज्यों में सरकारी कर्मचारी, अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उस अवस्था में रेल थम जाएंगी तो वहीं केंद्र एवं राज्यों के कर्मचारी ‘कलम’ छोड़ देंगे। 

अनिश्चितकालीन हड़ताल ही एक मात्र विकल्प

सी.श्रीकुमार के मुताबिक, पुरानी पेंशन बहाली के लिए केंद्र एवं राज्यों के कर्मचारी एक साथ आ गए हैं। लगभग देश के सभी कर्मचारी संगठन इस मुद्दे पर एकमत हैं। केंद्र और राज्यों के विभिन्न निगमों और स्वायत्तता प्राप्त संगठनों ने भी ओपीएस की लड़ाई में शामिल होने की बात कही है। बैंक एवं इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मियों से भी बातचीत चल रही है। कर्मचारियों ने हर तरीके से सरकार के समक्ष पुरानी पेंशन बहाली की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी बात सुनी नहीं गई। अब उनके पास अनिश्चितकालीन हड़ताल ही एक मात्र विकल्प बचता है। दस अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में देशभर से आए लाखों कर्मियों ने ‘ओपीएस’ को लेकर हुंकार भरी थी। कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा था कि वे हर सूरत में पुरानी पेंशन बहाल कराकर ही दम लेंगे। सरकार को अपनी जिद्द छोड़नी पड़ेगी। कर्मचारियों ने कहा था कि वे सरकार को वह फार्मला बताने को तैयार हैं, जिसमें सरकार को ओपीएस लागू करने से कोई नुकसान नहीं होगा। अगर इसके बाद भी सरकार, पुरानी पेंशन लागू नहीं करती है तो ‘भारत बंद’ जैसे कई कठोर कदम उठाए जाएंगे। 






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