Home Breaking News US: ‘आपके साथ साझेदारी करके गर्व’, अमेरिका ने चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने पर भारत की तारीफों के बांधे पुल

US: ‘आपके साथ साझेदारी करके गर्व’, अमेरिका ने चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने पर भारत की तारीफों के बांधे पुल

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US: ‘आपके साथ साझेदारी करके गर्व’, अमेरिका ने चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने पर भारत की तारीफों के बांधे पुल

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America praises India for Chandrayaan 3 landing on the moon

अमेरिकी नेताओं ने की भारत की तारीफ
– फोटो : Social Media

विस्तार


चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग के बाद भारत की दुनिया भर में वाहवाही हो रही है। अमेरिका भी तारीफ करते नहीं थक रहा है। हालांकि, चंद्रमा पर इससे पहले तीन देश (अमेरिका, रूस और चीन) कदम रख चुके हैं, लेकिन दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश भारत हैं। बता दें, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का मानना है कि चांद पर पानी के निशान मिल सकते हैं।

अमेरिकी राजनेताओं, समाचार पत्रों और अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों ने चंद्रयान-3 की चांद पर सफल लैंडिंग पर बुधवार को भारत की सराहना की। यहां की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के लिए भारत को बधाई।

बता दें, हैरिस की मां भारत से थीं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस मिशन में शामिल सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए एक अविश्वसनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस मिशन और अंतरिक्ष खोज में आपके साथ अधिक व्यापक रूप से साझेदारी करने पर हमें गर्व है।

अमेरिका दौरे पर आए थे पीएम मोदी

गौरतलब है, कुछ महीने पहले ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर गए थे। तब दोनों देशों के बीच हुई चर्चा में अंतरिक्ष सहयोग प्रमुख विषयों में से एक था। इस दौरान, भारत ने आर्टेमिस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, साथ ही दोनों देशों ने एक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मिलकर काम करने का फैसला किया।

नेल्सन ने दी बधाई

वहीं, नासा एडमिनिस्ट्रशन के बिल नेल्सन ने भारत को बधाई दी। कहा कि चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग पर इसरो को बधाई। साथ ही चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश बनने पर भारत को बधाई। उन्होंने कहा कि हम इस मिशन में आपका भागीदार बनकर खुश हैं।

साझेदारी को गहरा करने के लिए तत्पर

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के लिए इसरो और भारत के लोगों को बधाई। हम आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष खोज पर भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करने के लिए तत्पर हैं।

भारत की विजय घोष

सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा कि चंद्रयान-3 का चंद्रमा पर उतरना ‘नए भारत की विजय घोष’ है। इसके अलावा, सांसद रिच मैककॉर्मिक ने कहा कि यह हमारे दोस्त के लिए एक अद्भुत उपलब्धि है। वहीं, सांसद डॉन बेयर ने इसरो और उपलब्धि को संभव बनाने के लिए काम करने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि

भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और दुनिया के लिए चांद की खोज में एक बड़ा कदम है। वहीं, हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष और सांसद माइकल मैककॉल ने कहा कि वह यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि भारत और अमेरिका मिलकर बाहरी अंतरिक्ष में क्या हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता हमारी साझेदारी में एक नया आयाम जोड़ेगी।

आर्टेमिस समझौते के भागीदार इसरो को बधाई

सांसद ब्रैड शर्मन ने कहा कि चंद्रमा पर चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग के लिए भारत को बधाई। भारत चंद्रमा की सतह के इस हिस्से पर यान उतारने वाला पहला देश है। साथ ही, अमेरिकी विदेश विभाग की विज्ञान शाखा ने अपने आर्टेमिस समझौते के भागीदार इसरो को बधाई दी। कहा गया कि आपकी सफलता कल्पनाशक्ति को शक्ति देगी और दुनिया भर के लोगों के भविष्य को रोशन करेगी।

मुख्यधारा के अमेरिकी समाचार पत्रों, जिनमें से कई ने भारत के अंतरिक्ष मिशन पर संदेह जताया था और कभी-कभी कार्टूनों के माध्यम से इसका मज़ाक भी उड़ाया था, ने महान भारतीय उपलब्धि का उल्लेख किया।

सीक्रेट स्पेस प्रोग्राम्स बुक सीरीज के लेखक डॉ. माइकल सल्ला ने कहा कि भारत तेजी से एक प्रमुख अंतरिक्ष शक्ति बन रहा है। 

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