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Team India, News: भारत की वर्ल्ड कप टीम में जगह बनाने की दौड़ में शामिल 18 खिलाड़ियों को अलूर में कड़े फिटनेस और मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा, क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) इस प्रतिष्ठित आयोजन से पहले कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता. हालांकि इनमें से अधिकांश टेस्ट नियमित रूप से होते हैं और समय-समय पर राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) या BCCI की मेडिकल टीम द्वारा आयोजित किए जाते हैं, लेकिन अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वर्ल्ड कप से पहले इसका महत्व अधिक हो जाता है.
वर्ल्ड कप 2023 खेलने के लिए टीम इंडिया के प्लेयर्स की होगी अग्निपरीक्षा
मामले की जानकारी रखने वाले BCCI के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘हां, जिन खिलाड़ियों ने हाल ही में आयरलैंड में सीरीज खेली है (जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन), उन्हें छोड़कर अधिकतर खिलाड़ियों का नियमित फिटनेस टेस्ट अनिवार्य ब्लड टेस्ट के साथ किया जाएगा.’ जिन चीजों की जांच की जाएगी उनमें लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर (उपवास और पीपी), यूरिक एसिड, कैल्शियम, विटामिन बी12 और D, क्रिएटिनिन, टेस्टोस्टेरोन शामिल हैं.
प्लेयर्स को देने पड़ेंगे ये सभी टेस्ट
कई बार डेक्सा टेस्ट भी होते हैं. यह हड्डियों के घनत्व की जांच करने के लिए एक प्रकार का स्कैन है. एनसीए में काम कर चुके सूत्र ने कहा, ‘इसमें कुछ भी नया नहीं है, सीरीज के बीच में जब खिलाड़ी ब्रेक लेते हैं तो ये टेस्ट होते हैं. उनके पास उनके शरीर की आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत डाइट चार्ट और अनुकूलित प्रशिक्षण मॉड्यूल भी है.’
नौ घंटे की गहरी नींद से बेहतर कोई तरीका नहीं
एनसीए के सूत्र ने कहा कि जहां तक आराम और रिकवरी की बात है तो आठ से नौ घंटे की गहरी नींद से बेहतर कोई तरीका नहीं है. उन्होंने कहा, ‘यह एक ज्ञात तथ्य है कि अगर आठ से नौ घंटे की गहरी नींद ली जाए तो चोट लगने की संभावना हमेशा कम होती है.’
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