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MP Cabinet Expansion: मप्र में चुनाव से कुछ महीने पहले शपथ, जानें तीनों नए मंत्री कम समय मिलने पर क्या बोले

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MP Cabinet Expansion: मप्र में चुनाव से कुछ महीने पहले शपथ, जानें तीनों नए मंत्री कम समय मिलने पर क्या बोले

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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को समय काफी कम बचा है। बमुश्किल डेढ़ महीने बाद आचार संहिता लग जाएगी। शनिवार को मप्र मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। गौरीशंकर बिसेन, राजेंद्र शुक्ल और राहुल लोधी ने शपथ ली है। शपथ के बाद मीडिया से बातचीत में तीनों ने कम समय मिलने की बात का अपने हिसाब से जवाब दिया है। राहुल लोधी ने कहा है कि पार्टी का 150 सीटें जिताने का लक्ष्य है। 

 



सब बढ़िया होगा : बिसेन

पहली शपथ लेने वाले गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि हमारी प्राथमिकता तो राज्य का चहुंमुखी विकास और जनकल्याण है। माननीय मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण दो-तीन मंत्रिमंडल का विस्तार टला है। लेकिन आखिर में हो गया न। समय कम होने की बात पर बिसेन ने कहा कि आप देखते जाइए, सब बढ़िया होगा। 

बता दें कि पूर्व मंत्री और विधायक गौरीशंकर बिसेन अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं। अभी वे मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष भी हैं। 1952 में गौरीशंकर बिसेन का जन्म बालाघाट में हुआ। गौरीशंकर बिसेन ने सात बार विधायक और लोकसभा का चुनाव जीता है। बिसेन ने 1985 में विधानसभा का चुनाव जीत कर राजनीतिक सफर की शुरुआत की। इसके बाद 1990 और 1993 में बालाघाट से लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव जीता। 1998 में उनकी पत्नी बालाघाट से विधानसभा चुनाव लड़ी, लेकिन हार गई। बिसेन ने लोकसभा चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद वे 2003 से बालाघाट सीट से लगातार विधानसभा चुनाव जीतते आ रहे हैं। महाकौशल में बड़ी संख्या में ओबीसी वोटर हैं। बिसेन को मंत्री बनाकर ओबीसी वर्ग को साधने की रणनीति बनाई जा रही है। 

 


कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : शुक्ल

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जितना समय है, चूंकि चलती हुई सरकार है। विधायक के नाते भी हम लोग काम कर ही रहे हैं। तो चीजों को और तेज गति देने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। जितनी भी हमारी विकास की योजनाएं हैं और जनकल्याण के कार्यक्रम हैं, वो नीचे तक पहुंचें, इसकी मॉनिटरिंग ज्यादा बेहतर तरीके से करने में हम लोग सक्षम रहेंगे। पार्टी की जो अपेक्षा है, उसको पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। शुक्ल ने कहा कि पार्टी कई पहलुओं पर विचार कर निर्णय लेती है। पार्टी जो जिम्मेदारी देती है, विचार कर देती है तो उसे स्वीकार आगे बढ़ना चाहिए।

बता दें कि पूर्व मंत्री और रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल फिर मंत्री बने हैं। रीवा में जन्मे शुक्ल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वे 2003 में विधानसभा चुनाव जीत कर राजनीति में सक्रिय हुए। इसके बाद 2008 और 2013 में विधानसभा चुनाव जीता। 2013 में शुक्ल मंत्री बने। 2018 में भी चुनाव जीते। शुक्ला विंध्य में पार्टी का बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं। शुक्ल को मंत्री बनाकर पार्टी क्षेत्र की जनता को साधने की कोशिश में है। 

 


पूरी ताकत के साथ लगेंगे : राहुल

राहुल सिंह लोधी ने कहा कि पार्टी ने जो विश्वास और भरोसा जताया है, पूरी ताकत के साथ उसमें लगेंगे। बुंदेलखंड में जितना ज्यादा से ज्यादा काम कर सकते हैं, उतना काम करेंगे। जितना समय मिल रहा है, उतना काफी है। सर्जिकल स्ट्राइक तो एक दो दिन में ही हो गई थी। डेढ़ महीन तो बहुत है। पार्टी ने कुछ विचार कर ही निर्णय लिया है। मेरे ख्याल से सही समय पर डिसिजन हुआ है। मेहनत करेंगे। पार्टी को जो लक्ष्य है, 150 सीटें जीतने का, कोशिश करेंगे कि ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत सकें। 

राहुल सिंह लोधी एक बार के विधायक हैं। वह 2018 में खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते। राहुल पूर्व सीएम उमा भारती के भतीजे हैं। बुंदेलखंड और ग्वालियर चंबल में बड़ी संख्या में लोधी वोटर हैं। राहुल लोधी को मंत्री बनाकर भाजपा बुंदेलखंड के साथ ही ओबीसी वोटर को साध रही है। 


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