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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : सोशल मीडिया
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सहमति से संबंध बनाने के लिए उम्र की सीमा में कटौती के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सहमति दे दी है। बता दें कि एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके सहमति से संबंध बनाने की उम्र में किसी भी कटौती का विरोध किया है। एनजीओ की याचिका में कहा गया है कि यह बड़ी संख्या में यौन शोषण के शिकार बच्चों, खासकर लड़कियों के हितों को खतरे में डालता है।
याचिका को लेकर सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी किया है। साथ ही याचिका को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से दायर लंबित लंबित याचिका के साथ टैग कर दिया।
बता दें कि एनसीपीसीआर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पिछले साल के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि एक नाबालिग मुस्लिम लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी कर सकती है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को नोटिस जारी कर केंद्र से जवाब मांगा है।
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