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Asia Cup में टीम इंडिया के सामने 3 बड़ी टेंशन, कैसे बनेंगे 8वीं बार चैंपियन?

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Asia Cup में टीम इंडिया के सामने 3 बड़ी टेंशन, कैसे बनेंगे 8वीं बार चैंपियन?

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हाइलाइट्स

एशिया कप में भारत अपना पहला मैच 2 सितंबर को खेलेगा
टीम इंडिया के गेंदबाज बल्लेबाजी नहीं कर पाते हैं

नई दिल्ली. एशिया कप का ओपनिंग मैच पाकिस्तान और नेपाल के बीच मुल्तान में खेला जाएगा. पाकिस्तान टूर्नामेंट की मेजबान टीम है. वो एशिया कप में सबसे बेहतर तैयारी के साथ उतर रही. क्योंकि पाकिस्तान ने एशिया कप से ठीक पहले श्रीलंका में ही अफगानिस्तान के खिलाफ 3 वनडे की सीरीज खेली थी. ऐसे में 2 बार की चैंपियन पाकिस्तान का इस बार एशिया कप जीतने का दावा मजबूत है. टीम इंडिया को भी कम करके नहीं आंका जा सकता. भारत सबसे अधिक 7 बार एशिया कप जीता है. श्रेयस अय्यर, जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विनर खिलाड़ी, चोट से वापसी करेंगे. बुमराह तो आयरलैंड में अपना ट्रेलर दिखा चुके हैं. श्रेयस के पास 2 सितंबर को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका होगा.

भारतीय कप्तान रोहित शर्मा 2018 में भारत को वनडे फॉर्मेट में एशिया कप का खिताब जिता चुके हैं. विश्व कप से पहले उनकी नजर इस खिताब पर होगी ताकि चैंपियन के रुतबे के साथ विश्व कप में उतरे. हालांकि, ऐसा तभी संभव हो पाएगा जब टीम इंडिया वक्त रहते अपनी 3 बड़ी कमजोरियों को दूर कर ले.

गेंदबाजों का बल्लेबाजी न कर पाना भारत की बड़ी कमजोरी
टीम इंडिया की इस वक्त सबसे बड़ी कमजोरी है गेंदबाजों का बल्लेबाजी न कर पाना है. एशिया कप में मोटे तौर पर 4 गेंदबाज जो प्लेइंग-11 में नजर आएंगे, वो करीब-करीब तय हो चुके हैं. जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी के अलावा कुलदीप यादव ये ऐसे 4 गेंदबाज हैं, जो एशिया कप के हर मैच में टीम इंडिया के प्लेइंग-11 का हिस्सा होंगे. ये गेंद से तो कमाल दिखा सकते हैं लेकिन बल्ले से धमाल मचा पाएंगे, ऐसा मुश्किल ही लगता है.

नंबर-7 पर रवींद्र जडेजा के बाद आने वाले चारों खिलाड़ी की बल्लेबाजी कमजोर है. कुलदीप यादव, सिराज, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह में से कोई भी गेंदबाज ऐसा नहीं है जो आखिरी के ओवर में बड़ा शॉट लगाने का दम रखता है और मौका पड़ने पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर टीम को जीत दिला सकता है. इसी कमजोरी के कारण ही युजवेंद्र चहल एशिया कप के स्क्वॉड में जगह नहीं बना पाए. ऐसे में अगर भारत को एशिया कप जीतना है तो गेंदबाजों को भी बल्लेबाजी में दम दिखाना होगा.

चोटिल खिलाड़ियों का फॉर्म भी अहम
टीम इंडिया की दूसरी कमजोरी है चोट से वापसी करने वाले खिलाड़ियों का फॉर्म. श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, जसप्रीत बुमराह चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे हैं. बुमराह ने तो आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 4 विकेट लेकर अपने फॉर्म में होने के संकेत दे दिए हैं. लेकिन, केएल राहुल फिर चोटिल हो गए और एशिया कप के पहले दो मैच में नहीं खेलेंगे. श्रेयस कैसा प्रदर्शन करेंगे ये भी एक सवाल है. वो भी लंबे समय बाद टीम में लौट रहे हैं.

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बाएं हाथ के गेंदबाजों से कैसे बचेंगे?
भारतीय टॉप ऑर्डर बाएं हाथ के स्पिन और तेज दोनों गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करता दिखा है. पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान के पास बाएं हाथ के तेज औऱ स्पिन दोनों तरफ के गेंदबाज हैं. विराट कोहली-रोहित शर्मा हाल के सालों में बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ काफी परेशान हुए हैं. पाकिस्तान के पास शाहीन अफरीदी हैं. अफगानिस्तान के पास बाएं हाथ के पेसर फजलहक फारुकी और रिस्ट स्पिनर नूर अहमद हैं. बांग्लादेश के पास शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान जैसे बाएं हाथ के पेसर्स हैं. ऐसे में भारतीय टीम ऑर्डर को बाएं हाथ के गेंदबाजों के खिलाफ तय रणनीति के साथ उतरना होगा.

Tags: Asia cup, India Vs Pakistan, Jasprit Bumrah, Mohammed Shami, Rohit sharma, Shreyas iyer, Team india

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