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Tutankhamun News: दुनिया के अलग अलग हिस्सों में राजाओं-महाराजाओं की दुनिया रहस्यों से भरी हुई है. राजाओं के महलों की दीवारें जितनी ऊंची हुआ करती थी रहस्य का सागर भी उतना ही गहरा होता था. रहस्य के उस सागर में गोता लगाने की कोशिश में कुछ जानकारियां दुनिया के सामने हैं तो कुछ जानकारियां रहस्य के चादर में अभी भी लिपटी हुई है. यहां हम एक ऐसे राजा की बात करेंगे जिसका वास्ता मिस्र है और उसका समय काल तीन हजार साल पुराना है. उस राजा के बारे में शायद ही किसी तरह की जानकारी हासिल हो पाती अगर दो पुरात्विदों ने उसके मकबरे को खोजा ना होता. बात मिस्र के एक फिरौन यानी राजा तूतेनखामेन की करने जा रहे हैं जिसकी कुल उम्र महज 18 साल थी लेकिन जब जानकारी सामने आई तो वो ना सिर्फ मिस्र के मशहूर राजाओं की पंक्ति में आ खड़ा हुआ बल्कि दुनिया के उन चुनिंदा राजाओं की श्रेणी में आया जिसकी चर्चा आज भी होती है.
मिस्र का मशहूर फिरौन था तूतेनखामेन
तूतेनखामेन, मिस्र का सबसे मशहूर फिरौन यानी राजा था. उसका जन्म मिस्र के अखेतो टेन में हुआ था जिसे राजधानी का दर्जा हासिल था. 1346 ईसा पूर्व तूतेनखामेन का जन्म हुआ और मिस्र जैसे उसके राजा बनने का इंतजार कर रहा था. महज 9 साल की उम्र में वो राजा बना और 1337 ईसा पूर्व तक राजसत्ता संभाली. अगर आप उसके जन्म से लेकर मौत (1323 ईसा पूर्व) तक की अवधि को देखें तो 9 साल तक राजसत्ता का केंद्र बना. 18 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई थी. उसके बारे में कहा जाता है कि सिर्फ 9 साल के उम्र में जब वो राजा बना उसने कई ऐतिहासिक फैसले किए जिसकी वजह से वो दरबारी षड़यंत्र का शिकार हो गया.
कौन था तूतेनखामेन
-तूतेनखामेन का जन्म 1346 ईसा पूर्व में हुआ था और 1328 ईसा पूर्व में मौत हुई
-मौत के समय उसकी उम्र सिर्फ 18 साल थी.
-9 साल की उम्र में तूतेनखामेन राजा बना.
-9 साल तक मिस्र पर राज किया.
-किंग्स घाटी में दफनाया गया.
-तूतेनखामेन के मकबरे में तीन हजार से अधिक खजाना था.
-तूतेनखामेन के मकबरे की खोज उसकी मौत के 3 हजार साल बाद हुई थी.
-ब्रिटिश पुरातत्वविद हॉवर्ड क्वार्टर और लॉर्ज कॉर्नर वॉन ने 1922 में उसके मकबरे की खोज की थी.
-1922 से पहले मिस्र के इतिहास में उसे एक सामान्य राजा की तरह देखा जाता था. लेकिन 1922 के बाद वो ना सिर्फ मिस्र बल्कि दुनिया में मशहूर हो गया.
किंग्स घाटी में दफनाया गया
18 साल की उम्र में उसकी मौत के बाद जल्दबाजी में उसे किंग्स घाटी में दफनाया गया. उसके मकबरे में अकूत खजाना रखा गया था. मिस्र की संस्कृति में यह मान्यता थी कि मौत के बाद भी इंसान को सांसारिक चीजों की जरूरत होती है. तूतेनखामेन के मकबरे की खासियत यह थी कि उसमें तीन हजार से अधिक खजानों से भरे बॉक्स रखे गए थे. उस छोटे से मकबरे को शानदार तरीके से सजाया गया था. यही नहीं उसकी पूरी जिंदगी को मकबरे की दीवारों पर उकेरा गया था. मौजूदा समय में तूतेनखामेन से जुड़ी चीजों को काहिरा के म्यूजियम में रखा गया है.
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