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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : Social Media
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) जैसे नियामक निकायों से पूछा है कि उन्होंने देश भर में गैर हरित पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने यह भी कहा है कि वे प्रोटोकॉल को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं।
गुरुवार को न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ 2015 में अर्जुन गोपाल की ओर से दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इस याचिका में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान पटाखों पर प्रतिबंध और केंद्र और नियामक निकायों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से ये सवाल किए। इस दौरान पीठ ने यह भी कहा कि सही से लागू नही होने पर नियम मजाक बन जाते हैं।
इस पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ निकाय हरित पटाखों के लिए दिशानिर्देश और रासायनिक सूत्र लेकर आए हैं। अब पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन को इनके उत्पादन और बिक्री की निगरानी करने की अनुमति दी जाएगी।
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