Home Breaking News ISRO: चंद्रमा और सूर्य मिशन के बाद अब अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझाएगा इसरो, जल्द लॉन्च करेगा खास सैटेलाइट

ISRO: चंद्रमा और सूर्य मिशन के बाद अब अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझाएगा इसरो, जल्द लॉन्च करेगा खास सैटेलाइट

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ISRO: चंद्रमा और सूर्य मिशन के बाद अब अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझाएगा इसरो, जल्द लॉन्च करेगा खास सैटेलाइट

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Isro xposat satellite india first polarimetry mission to understand astronomy

इसरो का एक्सपोसैट मिशन तैयार
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


चंद्रयान-3 की चांद की सतह पर सफल लैंडिंग कर इतिहास रचने वाले इसरो ने आज अपना सूर्य मिशन आदित्य एल1 भी सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इन दो अहम मिशन के बाद इसरो एक और अहम लॉन्चिंग की तैयारियों में जुटा है। दरअसल सूरज और चंद्रमा मिशन के बाद अब इसरो अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझाने की कोशिशों में जुटा है। इसके लिए इसरो अपने पहले पोलरिमेट्री मिशन XPoSat (X-ray Polarimetry Mission) की तैयारियों में जुटा है। 

एक्सपोसैट के साथ जाएंगे दो पेलोड

एक्सपोसैट सैटेलाइट मिशन के तहत इसरो विषम परिस्थितियों में खगोलीय एक्स-रे स्त्रोतों की विभिन्न गतिशीलता का अध्ययन करेगा। स्पेसक्राफ्ट के साथ दो पेलोड पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक पेलोड POLIX ((Polarimeter Instrument in X-rays) होगा, जो खगोलीय स्त्रोतों से उत्पन्न होने वाले 8-30 केवी फोटॉन्स के माध्यम एक्स-रे ऊर्जा रेंज को मापेगा। वहीं दूसरा पेलोड XSPECT एक्स-रे फोटोन्स के 0.8-15 केवी माध्यम की एक्स-रे ऊर्जा की स्पेक्ट्रोस्कोपिक जानकारी देगा। 

अंतरिक्ष की गुत्थियां सुलझाने में मिलेगी मदद

इसरो ने शनिवार को बताया कि एक्सपोसैट लॉन्चिंग के लिए तैयार है। इसरो ने बताया कि विभिन्न खगोलीय स्त्रोतों जैसे ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार्स, गैलेक्टिक न्यूक्लिआई आदि का उत्सर्जन तंत्र समझना काफी मुश्किल होता है। स्पेक्ट्रोस्कोपिक और समय की जानकारी कई स्त्रोतों से पता चल सकती है लेकिन इस उत्सर्जन की प्रवृत्ति को समझना आज भी चुनौती बना हुआ है। एक्सपोसैट एक्स-रे पल्सर, ब्लैक होल बाइनरीज, लो मैग्नेटिक फील्ड न्यूट्रॉन स्टार आदि को समझने में मदद कर सकता है। 

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