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Russia-Ukraine: पुतिन के आगे झुकेंगे पश्चिमी देश, हर शर्त मानेंगे? अब यूक्रेन का क्या होगा?

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Russia-Ukraine: पुतिन के आगे झुकेंगे पश्चिमी देश, हर शर्त मानेंगे? अब यूक्रेन का क्या होगा?

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Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग का नुकसान पूरी दुनिया को झेलना पड़ रहा है. पश्चिमी देशों की मदद से यूक्रेन अब भी रूस से मुकाबला करता आ रहा है. इस बीच रूस की तरफ से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. युद्ध शुरू होने के बाद से रूस पर पश्चिमी देश तमाम प्रतिबंध लगा चुके हैं. अब रूस ने पश्चिमी देशों को मजबूर कर दिया है. 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि पश्चिमी देश जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं करते हैं, तब तक काला सागर के रास्ते अनाज की ढुलाई के लिए कोई नया समझौता नहीं होगा. पुतिन ने तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ सोमवार को हुई वार्ता के बाद यह घोषणा की. एर्दोआन ने यूक्रेन को अपने अनाज का सुरक्षित तरीके से निर्यात करने की अनुमति देने वाले मूल समझौते में मध्यस्थता की थी.

पुतिन ने यह भी कहा कि रूस छह अफ्रीकी देशों को मुफ्त अनाज मुहैया करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया है. यूक्रेन अनाज निर्यात समझौता बहाल कराने के मकसद से पुतिन और एर्दोआन ने बातचीत की. तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस बात के लिए मनाने का प्रयास किया कि यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध के बावजूद काला सागर के तीन बंदरगाहों से खाद्यान्न और अन्य सामग्री का निर्यात करने की अनुमति देने के समझौते को फिर से लागू किया जाए.

पुतिन ने जुलाई में समझौते को आगे बढ़ाने से मना कर दिया था. एक साल पहले तुर्किये और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में यह समझौता हुआ था. इसे वैश्विक खाद्य आपूर्तियों, खासकर अफ्रीका, पश्चिम एशिया और एशिया के लिए महत्वपूर्ण माना गया था. यूक्रेन और रूस गेहूं, जौ, सूरजमुखी तेय और अन्य उत्पादों के बड़े आपूर्तिकर्ता हैं.

एर्दोआन ने कहा कि रूस के काला सागर रिसॉर्ट शहर सोच्चि में दोनों नेताओं के बीच दिनभर चली बातचीत में खाद्यान्न समझौता प्रमुख रहा. उन्होंने बैठक में प्रारंभिक भाषण में कहा, ‘‘सभी अनाज कॉरिडोर मुद्दे पर नजर लगाये हैं.’’ पुतिन ने स्वीकार किया था कि वे यूक्रेन संकट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे. उन्होंने एर्दोआन से कहा, ‘‘मुझे पता है कि आप अनाज समझौते के बारे में सवाल पूछने के इच्छुक हैं. हम इस विषय पर बातचीत को तैयार हैं.’’

रूस ने समझौता रद्द करते हुए शिकायत की थी कि खाद्य और उर्वरक के रूसी निर्यात में बाधाओं को दूर करने का वादा करने वाले समानांतर समझौते का सम्मान नहीं किया गया है. उसने कहा कि पोत परिवहन और बीमा पर प्रतिबंध के कारण उसके कृषि व्यापार में बाधा आई है, हालांकि उसने पिछले साल से रिकॉर्ड मात्रा में गेहूं की आपूर्ति की है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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