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इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) में भाग लेने वाले भारत समेत आसियान देशों के नेताओं ने गुरुवार को इस क्षेत्र को ‘‘विकास के केंद्र’’ के रूप में बढ़ावा देने का संकल्प लिया। वे यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए कि रणनीतिक क्षेत्र प्रतिस्पर्धी, समावेशी, दूरदर्शी, लचीला, अनुकूल और भविष्य की क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों के प्रति उत्तरदायी बने रहेंगे।
शिखर सम्मेलन के अंत में नेताओं के एक बयान में सदस्य देशों ने सहयोग को और बढ़ाने तथा उनके बीच दोस्ती के मौजूदा बंधन को मजबूत करने के लिए एक शांतिपूर्ण माहौल बनाने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। जकार्ता में आयोजित 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हिस्सा लिया।
‘क्षेत्र को विकास के केंद्र के रूप में बनाए रखना और बढ़ावा देना’ शीर्षक वाले सात पन्ने के बयान में क्षेत्र में शांति, स्थिरता को बनाए रखने, समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए समान हित की पुष्टि की गई है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भी शामिल है।
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